Kanpur Gangrape Case accused Amit Maurya

Kanpur Gangrape Case accused Amit Maurya

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Kanpur Gangrape Case: यूपी पुलिस कितनी ईमानदारी से दोस्ताना निभाती है, इसका नमूना कानपुर गैंगरेप कांड में खूब देखने को मिल रहा है। 14 साल की बच्ची से गैंगरेप को आज 10 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। यूपी पुलिस अभी तक निलंबित दारोगा अमित मौर्या को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। अभी तक इनकी तलाश जारी ही है और ये कब तक ऐसे ही जारी रहेगी, कोई नहीं जानता।

इस बीच अब एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि अमित मौर्य की मदद पुलिस विभाग के ही कुछ लोग कर रहे हैं। वो उस तक विवेचक की केस डायरी की सारी जानकारी पहुंचा रहे हैं। वो उसे बता रहे हैं कि केस डायरी में क्या लिखा है। बताया जा रहा है कि इसी जानकारी के आधार पर आरोपी अमित मौर्य ने हाईकोर्ट में अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत की अर्जी दे दी है।

अब जब खुलासा (Kanpur Gangrape Case) हुआ है, तो पुलिस की एक टीम दारोगा के मददगार की जानकारी करने के लिए उस पर निगाह रख रही है। मतलब पहले पुलिस वाले ने गुनाह किया, फिर फरार हो गया। अब पुलिस वाले उस आरोपी पुलिसवाले की तलाश कर रहे हैं और उस आरोपी पुलिसवाले की मदद करने वाले पुलिसवालों को भी पुलिस ढूंढ रही है। कितना कमाल है न!

50 हजार का इनाम घोषित

बता दें कि आरोपी दारोगा अमित मौर्य की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उसकी तलाश के लिए टीमें भी लगाई गई हैं। पर पता नहीं ऐसी कौन सी खुफिया जगह पर जाकर छिपा है आरोपी कि यूपी पुलिस इतनी टीमें लगाकर भी उसे ढूंढ नहीं पा रही है। उसकी तलाश में क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की चार टीमें लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, गाजियाबाद, महाराजगंज, मेरठ जिले के संभावित स्थानों पर दबिश देने गईं, पर वह हाथ नहीं लगा।

यहां तक कि उसके परिवार, रिश्तेदार और परिचितों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ऐसा लग रहा है यूपी पुलिस दरोगा अमित मौर्य (Kanpur Gangrape Suspect) को पकड़ना ही नहीं चाह रही है। इसीलिए जानबूझकर टालमटोल किया जा रहा है।

आरोपी को बचा रही यूपी पुलिस (Kanpur Gangrape Case)

आपको याद होगा, 12 जनवरी को वाट्सएप ग्रुपों पर अमित मौर्या ने अपने ही मोबाइल नंबर से चार पेज का पत्र लिखकर सीएम योगी और पुलिस आयुक्त को भेजा था और खुद को बेकसूर बताने की कोशिश की थी। लेकिन इसके बाद भी पुलिस उसका पता नहीं लगा सकी। सोचिए न, आज के समय में फोन नंबर से किसी की तलाश करना कितना आसान हो गया है। फिर भी यूपी पुलिस अमित मौर्य का पता नहीं लगा पा रही है।

वीडियोज हुए थे वायरल

याद दिला दें, कुछ दिनों पहले घटना के अगले दिन के दो वीडियोज भी वायरल हुए थे, जिसे लेकर तमाम तरह के सवाल खड़े किए गए। वीडियो में दिखा कि जब पीड़िता और उसका भाई भीमसेन चौकी के अंदर गए, उस समय चौकी में तत्कालीन चौकी प्रभारी दिनेश सिंह, आरोपी दारोगा अमित मौर्या और पत्रकार शिवबरन मौजूद थे। आरोपियों के सामने ही पीड़िता से पूछताछ की जा रही थी। इस पूछताछ का पूरा वीडियो आरोपी दरोगा चुपके से बनवा रहा था।

वायरल वीडियो में देखा गया कि पीड़िता ने पत्रकार शिवबरन को देखते ही पहचान लिया और बताया कि इसने मेरे साथ गलत काम किया। इसके बाद जब निलंबित चौकी प्रभारी दिनेश कुमार दूसरे व्यक्ति के बारे में पूछा, तो पीड़िता के भाई ने शिवबरन की ओर इशारा कर दिया। उसने कहा कि दूसरे आदमी का चेहरा हमने नहीं देखा, वो कौन था, ये शिवबरन ही बता सकता है। ये सुनते ही शिवबरन पीड़िता के भाई को गाली देने लगा और आस-पास खड़े पुलिस कर्मी तमाशबीन बने रहे।

पीड़िता ने अमित मौर्य को पहचानने से किया इंकार

इस दौरान पीड़िता (Kanpur Gangrape) ने ये भी बताया कि घटना में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था। जब उससे पूछा गया कि क्या वह उसे पहचानती है, तो पीड़िता ने कहा कि उसने पुलिस जैसी वर्दी पहन रखी थी। वीडियो में पीड़िता ने आरोपी दरोगा अमित को पहचानने से इंकार कर दिया। वीडियोज सामने आने के बाद पुलिस ने इनकी भी जांच की बात कही, लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

क्या है पूरा मामला? (Kanpur Gangrape Case)

बताते चलें कि नाबालिग पीड़िता का आरोप है कि 5 जनवरी की रात दरोगा अमित कुमार मौर्य और यूट्यूबर शिवबरन ने उसे अगवा किया और उसके साथ रेप किया और धमकियां देकर उसे बेहोशी की हालत में छोड़ गए। जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल मामले में यूट्यूबर शिवबरन को गिरफ्तार कर लिया गया है, वहीं आरोपी दरोगा अमित मौर्य अभी भी फरार चल रहा है।


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