Rahul Gandhi

Rahul Gandhi

Share this news :

Rahul Gandhi ने 2 फरवरी 2026 को संसद के भीतर मोदी सरकार के एक ऐसे सच को उजागर कर दिया, जिसे अब तक सरकारी फाइलों में दबाकर रखने की पूरी कोशिश की गई थी। जो सरकार दिन-रात भारतीय सेना के शौर्य के नाम पर राजनीति करती है और वोट बटोरती है, आखिर उसने संकट के समय सेना को चीन के सामने बेसहारा क्यों छोड़ दिया? यह सवाल आज देश की जनता के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है। Rahul Gandhi ने सीधे तौर पर सरकार की कूटनीति और निर्णय लेने की क्षमता पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार को न तो देश चलाना आता है और न ही सीमाओं की रक्षा करना।

सत्ता पक्ष में खलबली: जब Rahul Gandhi के तेवरों से थमी सदन की कार्यवाही

सदन की कार्यवाही के दौरान माहौल तब बेहद तनावपूर्ण हो गया जब Rahul Gandhi ने लद्दाख सीमा पर चीन की घुसपैठ और जनरल नरवणे की किताब के पन्नों को पलटना शुरू किया। विपक्ष के नेता के तेवर देख सत्ता पक्ष में खलबली मच गई। स्पीकर ओम बिरला से लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह तक, सभी Rahul Gandhi को रोकने के लिए अपनी सीटों से खड़े हो गए। सदन को उस दिन दो बार स्थगित करना पड़ा क्योंकि सरकार के पास उन सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं था, जो Rahul Gandhi ने कड़कड़ाती आवाज में पूछे थे।

31 अगस्त 2020: वो खौफनाक रात जब रेचिन ला पर मंडरा रहा था युद्ध का खतरा

Rahul Gandhi ने सदन में उस रात का जिक्र किया जब भारत और चीन के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। मामला 31 अगस्त 2020 की रात का है, जब पूर्वी लद्दाख की बर्फीली चोटियों पर तनाव चरम पर था। रात 8.15 बजे नॉर्दर्न कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को फोन कर बताया कि चीन के चार भारी टैंक रेचिन ला की पहाड़ी की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। यह वही रणनीतिक जगह थी जिसे भारतीय जवानों ने अपना खून बहाकर फतह किया था।

दिल्ली का ‘मौन’ और सेना की बेबसी: Rahul Gandhi के गंभीर आरोप

जनरल नरवणे ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल और सीडीएस जनरल बिपिन रावत को सूचित किया। नरवणे का सवाल बिल्कुल स्पष्ट था कि उनके लिए सरकार के क्या आदेश हैं। लेकिन Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि जब सेना को स्पष्ट दिशा-निर्देशों की जरूरत थी, तब दिल्ली में बैठी सरकार खामोश थी। रात गहराती गई और चीनी टैंक हमारी पोस्ट के और करीब आते गए, लेकिन सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं आया।

‘हॉट पोटैटो’ और नेतृत्व का अभाव: आखिर प्रधानमंत्री ने क्यों पल्ला झाड़ा?

रात 10.10 बजे तक चीनी टैंक भारतीय सीमा के शीर्ष से महज 500 मीटर की दूरी पर थे। लेफ्टिनेंट जनरल जोशी ने साफ कर दिया था कि अब इन्हें रोकने का एकमात्र तरीका आर्टिलरी से फायरिंग करना है। सेना पूरी तरह तैयार थी और बस एक आदेश का इंतजार कर रही थी। Rahul Gandhi ने सदन को बताया कि जनरल नरवणे उस वक्त अपनी कमांड की मांग और सरकार की चुप्पी के बीच बुरी तरह फंसे हुए थे। अंत में रात 10.30 बजे जब रक्षा मंत्री का फोन आया, तो उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का जो संदेश सुनाया, उसने सबको हैरान कर दिया।

सेना के साथ विश्वासघात? Rahul Gandhi ने सरकार को घेरा

प्रधानमंत्री का निर्देश था कि “जो उचित समझो, वह करो।” जनरल नरवणे ने अपनी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ में इस क्षण को याद करते हुए लिखा है कि उन्हें एक ‘गर्म आलू’ थमा दिया गया था और सारी जिम्मेदारी सेना के पाले में डाल दी गई थी। Rahul Gandhi ने इसी बिंदु पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जिस वक्त देश के प्रधानमंत्री को मजबूती से खड़े होकर नेतृत्व करना चाहिए था, उस वक्त उन्होंने जिम्मेदारी लेने से हाथ पीछे खींच लिए। Rahul Gandhi ने सवाल उठाया कि क्या यह सेना के साथ विश्वासघात नहीं था?

बैकफुट पर मोदी सरकार: एक बड़े राजनीतिक संग्राम की शुरुआत

राजनाथ सिंह और अमित शाह ने सदन में Rahul Gandhi की बातों को गलत ठहराने की कोशिश की और भारी शोर-शराबा किया, लेकिन Rahul Gandhi अपने रुख पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सेना की बहादुरी के पीछे छिपकर अपनी विफलताओं को छिपाना चाहती है। Rahul Gandhi ने जोर देकर कहा कि चीन के सामने सरकार की यह कायरता देश के लिए एक कलंक बन चुकी है। आज पूरा देश पूछ रहा है कि क्या हमारी सरकार सच में उतनी मजबूत है जितना वह विज्ञापनों में दावा करती है। Rahul Gandhi के इन तीखे सवालों ने सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है और अब यह मामला एक बड़े राजनीतिक संग्राम का रूप ले चुका है।


Also Read

क्या है उस किताब में, जिसके बाहर आने से इतना डर रहे मोदी-शाह? राहुल गांधी ने कर दिया खुलासा

मोदी राज में 6.7 मिलियन बच्चों को पूरे दिन नहीं मिलता भोजन, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *