BJP Scared of Rahul Gandhi
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BJP Scared of Rahul Gandhi: एक समय था, जब बीजेपी राहुल गांधी को एक कमजोर नेता बताती थी। उन्हें पप्पू दिखाने के लिए बीजेपी ने करोड़ों रुपए फूंक दिए। उनके बयानों को काट-छांटकर वायरल कराया। पर आज का समय देखिए। आज वही राहुल बीजेपी के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गए हैं। दिन-रात बीजेपी की ऐसी क्लास लगा रहे हैं कि पूरा का पूरा भाजपा का तंत्र खतरे में आ गया है। सदन से लेकर सड़क तक, राहुल गांधी बीजेपी की पोल खोल रहे हैं। खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो इमेज बनी थी—एक मजबूत नेता वाली—उसकी भी हकीकत राहुल गांधी ने भारत के सामने ला दी है।
आलम ये हो गया है कि बीजेपी ने अब रोना शुरू कर दिया है। इनके नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को देखते ही फरार हो जा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी तो सदन में आने तक की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। आखिर में थक-हारकर बीजेपी ने राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा में सब्सटेंसिव मोशन पेश किया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को ये मोशन पेश करते हुए राहुल गांधी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। साथ ही राहुल की संसद सदस्यता खत्म करने और चुनाव लड़ने पर लाइफटाइम बैन लगाने की मांग की है।
Rahul Gandhi ने ऐसे उड़ायी बीजेपी की नींद
अब आपको बताते हैं राहुल गांधी ने ऐसा क्या कर दिया है, जिससे बीजेपी की नींद उड़ गई है। वैसे तो लंबे समय से राहुल गांधी बीजेपी सरकार की झूठ की पोल खोलते रहे हैं। कई बार राहुल के विरोध की वजह से मोदी सरकार को अपने ही फैसले से यू-टर्न लेना पड़ गया। लेकिन बीते कुछ महीनों में राहुल ने ऐसे-ऐसे खुलासे कर दिए हैं, जिससे मोदी जी की कुर्सी डगमगा गई है।
वोट चोरी का खुलासा
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने 7 अगस्त 2025 को सबसे बड़ा खुलासा किया था—वोट चोरी पर। सबूत के साथ मोदी सरकार की हर चाल को एक्सपोज किया। इसके बाद 5 नवंबर 2025 को हरियाणा विधानसभा चुनाव (2024) में हुई धांधली की पोल खोलते हुए राहुल ने “हाइड्रोजन बॉम्ब” ड्रॉप किया। इन खुलासों से देशभर में हंगामा मचा। लोग मोदी सरकार से सवाल करने लगे। यहां तक कि उनके पद पर भी सवाल उठने लगा कि मोदी प्रधानमंत्री के पद पर असली वोटों के दम पर हैं, या फिर चोरी के।
एम नरवणे की किताब
अभी बीजेपी इस झटके से बाहर आई नहीं कि राहुल गांधी एक किताब लेकर पहुंच गए। ये वही किताब है, जिसे मोदी सरकार पब्लिश होने से रोक रही है। इसे जनता के सामने नहीं आने देना चाहती, क्योंकि इसमें वो सच लिखा हुआ है, जिसके सामने आते ही मोदी जी की एक मजबूत नेता वाली इमेज तार-तार हो जाएगी।
किताब में 2020 की एक घटना का जिक्र है, जब चीन की सेना लद्दाख में घुस आई थी। उस वक्त जनरल नरवणे को 2 घंटे इंतजार करवाया गया, फिर मोदी जी ने निर्देश के नाम पर बस इतना कहा—”जो आपको उचित लगे, वो कीजिए।” मतलब, देश की सिक्योरिटी के सबसे बड़े संकट में पीएम ने जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर दिए।
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) किताब का यही हिस्सा सदन में पढ़ना चाहते थे, सवाल उठाना चाहते थे कि मोदी सरकार ने ऐसा क्यों किया। क्यों अपनी जिम्मेदारी से भाग खड़ी हुई। लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने नियमों का हवाला देकर उन्हें रोक दिया, उनका माइक बंद करवा दिया।हालांकि इसके बाद भी राहुल गांधी हार नहीं माने। वो अगले दिन 4 फरवरी को लोकसभा में एम. नरवणे की किताब लेकर सदन में घूम रहे थे। कह रहे थे कि अगर पीएम मोदी सदन में आज आते हैं, तो मैं उन्हें ये किताब गिफ्ट करूंगा। और इस पर सरकार को जवाब देना पड़ेगा।
बीजेपी ने की मुद्दे से भटकाने की कोशिश
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के इस बयान के बाद मोदी सरकार इतना डर गई कि ध्यान भटकाने के लिए उसने अपने गालीबाज सांसद निशिकांत दुबे को मैदान में उतार दिया। दुबे ने 6 किताबें लाकर कांग्रेस के नेताओं पर कीचड़ उछाला। जवाहरलाल नेहरू को “गद्दार” और “अय्याश” कहा। फिर इंदिरा गांधी पर घिनौनी बातें कीं, उनकी आबरू पर कीचड़ उछाला। राजीव गांधी को “लुटेरा” कहा, सोनिया गांधी पर अश्लील कमेंट किए। लेकिन इतना करने के बाद भी बीजेपी देश को असली मुद्दे से नहीं भटका पाई।
सदन में उठाए सवाल
इसके बाद कल यानी बुधवार 11 फरवरी को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सदन में एक बार फिर बीजेपी को फंसा दिया। एपस्टीन फाइल्स से लेकर अडाणी के अमेरिका वाले केस तक, ट्रेड डील से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक, राहुल ने सब कुछ खोलकर रख दिया। राहुल ने साफ कहा कि मोदी सरकार ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में घुटने टेक दिए। टैरिफ पर सौदा कर लिया, जो भारत के लिए आत्मसमर्पण जैसा है। फिर राहुल ने ऊर्जा सुरक्षा पर भी हमला बोला। कहा—”हमारी ऊर्जा सुरक्षा खत्म हो चुकी है।”
नेता विपक्ष ने कहा कि ये डील मोदी का आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों का भविष्य सौंपना है। इस बीच राहुल ने एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का भी जिक्र किया। राहुल ने कहा कि अडाणी पर चल रहा केस, दरअसल मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। इसके जरिए भाजपा का फाइनेंसियल स्ट्रक्चर टूटेगा।
संसद के बाहर भी दिखाया रौद्र रूप
संसद के बाहर भी राहुल गांधी ने अपना सैवेज रूप दिखाया। स्पीच के बाद सदन के बाहर बीजेपी मंत्री प्रहलाद जोशी और अश्विनी वैष्णव मीडिया से कह रहे थे—”राहुल आरोप लगाने से पहले ऑथेंटिकेट करें।” उनका ये कहना था कि तभी राहुल (Rahul Gandhi) वहां पहुंच गए। और आते ही बोले—”आइए एक साथ बात करते हैं।” ये सुनते ही दोनों नेता वहां से सरपट भाग निकले। ये हाल हो गया है बीजेपी के नेताओं का अब। राहुल को देखते ही फरार हो जाते हैं, कि कहीं वो फिर इनसे कोई सवाल न कर दें, कहीं वो फिर इनकी पोल-पट्टी न खोल दें।
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