War Between Modi and Yogi

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War Between Modi and Yogi: BJP कार्यालय की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. जिसमें एक बहुत बड़ी लड़ाई नजर आ रही है. दरअसल, ये वीडियो मंगलवार 20 जनवरी की है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी कार्यालय पहुंचे। महामानव जैसे ही आए, बीजेपी के पहली पंक्ति के सारे नेता नेताओं ने उनके सामने हाथ जोड़ लिया। लेकिन वहीं खड़े यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने ऐसा नहीं किया। वो चुपचाप खड़े रहे।

बाकी के नेता मोदी जी को देखकर दिल खोलकर मुस्कुरा रहे थे, जैसे उन्होंने साक्षात परमात्मा के दर्शन कर लिए हों। लेकिन सीएम योगी की शक्ल को देखकर ऐसा लग रहा है, जैसे मन ही मन वो सामने वाले को बुरा-भला सुना रहे हों। ये वीडियो देखकर हर कोई बस एक ही सवाल कर रहा है- क्या मोदी बनाम योगी अब खुलकर सामने आ रहा है?

ये तस्वीर भी हुई वायरल (CM Yogi Viral Photo)

इसी दौरान की एक और तस्वीर सामने आई, जो अपने आप में बहुत कुछ कहती है। यहां एक ही पंक्ति में डिप्टी सीएम केशव मौर्य और योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) बैठे हैं। वो भी एक साधारण सी प्लास्टिक की कुर्सी पर। अपने मुख्यमंत्रियों को ये इज्जत दे रही है बीजेपी। क्या पार्टी कार्यालय में ढंग की कुर्सियां तक नहीं थीं? या फिर जानबूझकर योगी को नीचा दिखाने के लिए प्लास्टिक की कुर्सियां लगाई गईं?

मोदी-योगी में छिड़ गया है युद्ध

वैसे भी ये बात अब जगजाहिर हो चुकी है कि योगी (CM Yogi) और मोदी में बन नहीं रही है। ऐसी खबरें तो पिछले कई सालों से आ रही थीं। कई अलग-अलग मौकों पर ये आपसी कलह देखने को भी मिला। हर बार बीजेपी इसे छिपाती दिखी। पर इस बार तो इन लोगों ने इस गृह युद्ध को छिपाने की भी मेहनत नहीं की है।

ये तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि दिल्ली और लखनऊ के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मामला बहुत बिगड़ चुका है। इसे अब सुधारा नहीं जा सकता है। आरएसएस भी अब हाथ खड़े कर चुकी है। उसने भी मामले को सुलझाने की कोशिशें करनी बंद कर दी है। सब समझ चुके हैं कि दिल्ली और लखनऊ की ये लड़ाई अब आर या पार की लड़ाई बन गई है।

यूपी विधानसभा चुनाव में दिखेगा असर

इसका असर आने वाले यूपी के विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।इसीलिए अभी से ही यूपी में सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। छोटे से बड़े, बीजेपी के हर एक नेता को अंदाजा हो गया है कि राज्य में इस बार सियासी तूफान आने वाला है। इसकी सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। ब्राह्मण विधायक अलग गुट बना रहे हैं और ठाकुर विधायक अपना अलग। सब अपनी-अपनी प्लानिंग में जुटे हैं, बंद कमरों में बैठकें कर रहे हैं।

इन सबमें सबसे ज्यादा अगर कोई परेशान है तो वो हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi)। उन्हें समझ आ चुका है कि उनके साथ साजिशें हो रही हैं। उन्हें रास्ते से हटाने की तैयारियां की जा रही हैं। उनका रिप्लेसमेंट ढूंढा जा रहा है। इन बातों ने योगी का मन खट्टा कर दिया है। इसीलिए उन्होंने दिल्ली में बैठे लोगों से दूरियां बना ली है। अपना अलग रास्ता खोज रहे हैं। वरना पहले की भी तस्वीरें याद होंगी आपको। बीजेपी की बैठकों में योगी आदित्यनाथ कितना बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। पर अब कहानी पूरी तरह से बदल चुकी है।

ब्रजेश पाठक अपने फायदे में जुटे

ये भी गौर करने वाली बात है कि योगी-मोदी के बीच आई इस दूरी का फायदा उठाने की कोशिश में ब्रजेश पाठक लगे हैं। जब योगी से बीजेपी आलाकमान नाराज है, तो इसे ब्रजेश पाठक अपने लिए एक बेहतरीन मौके की तरह देख रहे हैं। वो कहीं न कहीं योगी का रिप्लेसमेंट बनना चाहते हैं। यही कारण है कि वो बार-बार दिल्ली में नेताओं से मुलाकातें कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है योगी और ब्रजेश पाठक में कॉम्पटीशन शुरू हो गया है कि कौन बड़ा है। कौन कितनी ताकत रखता है।

इनके पहले केशव प्रसाद मौर्य ने भी काफी कोशिशें की थीं। लेकिन बीजेपी ने इन्हें किनारे कर दिया। ऐसे में अब यूपी का चुनाव सबसे ज्यादा इंट्रेस्टिंग होने वाला है। देखना होगा कि बीजेपी योगी को रिप्लेस कर देती है, या नहीं। या फिर योगी ही बीजेपी को तोड़कर अपना दबदबा बनाने में सफल होते हैं।


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