PM Modi
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PM Modi और उनकी गोदी मीडिया को यह बात समझ नहीं आती कि झूठ के पांव नहीं होते, बस एक मुंह होता है। तभी तो बार-बार यह सरकार और इसके दरबारी पत्रकार सफेद झूठ का सहारा लेते हैं। अभी गैस संकट वाली बात ही ले लीजिए, जब देश की जनता गैस की किल्लत को लेकर चीख रही थी, तब यही PM Modi कह रहे थे कि विपक्ष फालतू का पैनिक फैला रहा है। लेकिन अब जब हालात पूरी तरह काबू से बाहर हो गए, तो पीएम मोदी ने खुद संसद के दोनों सदनों में जाकर सरेंडर बोल दिया है।
डरावनी तस्वीरें और PM Modi का गृहराज्य
PM Modi के इस सरेंडर वाले रवैये के बाद अब देश के अलग-अलग राज्यों से जो तस्वीरें आ रही हैं, वो बेहद डरावनी और परेशान करने वाली हैं। अब तक तो सिर्फ गैस सिलेंडर के लिए मारामारी हो रही थी, लेकिन अब पेट्रोल पंपों पर भी हाहाकार मचा हुआ है। गुजरात से लेकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक, जहां तक नजर जा रही है, वहां तक पेट्रोल-डीजल के लिए मीलों लंबी लाइनें लगी हैं। हैरानी की बात ये है कि ये तस्वीरें सबसे ज्यादा पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात से ही सामने आ रही हैं।
गुजरात से यूपी तक हाहाकार और PM Modi पर सवाल
सूरत और अहमदाबाद के पेट्रोल पंपों पर हजारों की भीड़ घंटों से खड़ी है, लेकिन तेल का कहीं अता-पता नहीं है। यह साफ है कि एक ‘नॉन बायोलॉजिकल’ महामानव ही पेट्रोल के लिए ऐसी लाइनें लगवा सकता है, जिससे जनता बेहाल है। हालात सिर्फ गुजरात में ही खराब नहीं हैं, बल्कि मध्य प्रदेश के मंदसौर और इंदौर में भी पेट्रोल का आपातकाल जैसा मंजर दिख रहा है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भी देर रात तक लोग लाइनों में लगे रहे और PM Modi सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे।
बयानों में विरोधाभास और PM Modi का फैलाया पैनिक
पूर्व मंत्री आईपी सिंह ने भी सवाल उठाया है कि अगर कमी नहीं है, तो फिर अयोध्या में इतनी बड़ी कतारें क्यों लगी हैं? भारत पेट्रोलियम से लेकर हिंदुस्तान पेट्रोलियम तक सभी कह रहे हैं कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है, लेकिन PM Modi ने तो अपने बयानों से ही जनता को पैनिक में डाल दिया है। PM Modi जो कह रहे हैं और पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा जो कह रही हैं, उन दोनों की बातों में कोई मेल नहीं है, जिससे जनता भ्रमित है।
जिम्मेदारी से भागती PM Modi सरकार
सुजाता शर्मा ने कहा था कि देश में तेल-गैस की कोई कमी नहीं है, जिसका मतलब है कि कोई तो झूठ बोल रहा है, या तो पीएम मोदी सरकार या फिर ये अधिकारी। हालांकि ये झूठ क्या ही बोलेंगी, क्योंकि असली सच्चाई तो सड़कों पर साफ दिख रही है और इसका सबूत खुद मोदी ने दोनों सदनों में दे ही दिया है। सबसे ज्यादा दुख की बात ये है कि जब भी ऐसी मुसीबत आती है, पीएम मोदी सरकार अपनी जिम्मेदारी लेने के बजाय विपक्ष पर दोष मढ़ने लगती है।
गोदी मीडिया का एजेंडा और PM Modi की विफलता
गैस सिलेंडर के समय भी यही हुआ था कि विपक्ष अफवाह फैला रहा है, और अब जब पेट्रोल के लिए हाहाकार मचा है, तो गोदी मीडिया के एंकर कह रहे हैं कि ‘कुछ लोगों’ ने अफवाह फैलाई है। सवाल ये है कि वो ‘कुछ लोग’ कौन हैं और क्या मोदी सरकार के पास इसका कोई ठोस जवाब है? सरकार ने खुद संसद में स्वीकार किया है कि हालात बिगड़ने वाले हैं, जिससे जनता में डर फैल गया है। आखिर पीएम मोदी सरकार और गोदी मीडिया कब तक झूठ के सहारे अपनी सत्ता चलाएंगे।
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