Ajit Pawar Died in a Plane Crash
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Ajit Pawar Died in a Plane Crash: अजित पवार की मौत सिर्फ एक दुर्घटना है, या फिर कुछ और? ये सवाल आज सबके मन में उठ रहा है। इंटरनेट पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कोई इसे डीजीसीए यानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की लापरवाही का नतीजा बता रहा है, तो कोई इस पूरी दुर्घटना को साजिश बताते हुए गहन जांच की मांग कर रहा है।
ममता बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
जांच की मांग करने वालों में सबसे बड़ा नाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का है। ममता ने साफ कहा है कि इस देश में कोई सुरक्षित नहीं है। इस दौरान ममता बनर्जी ने एक बहुत बड़ा इल्जाम लगाया है बीजेपी पर। उन्होंने कहा कि मुझे कुछ दिनों पहले ही पता चला कि अजित पवार (Ajit Pawar) बीजेपी से अलग होना चाहते हैं, और अब ये हादसा हो गया। ममता ने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करवाने की बात कही है। उनका मानना है कि बाकी की सारी एजेंसियां बिक चुकी हैं। तो अगर कोई निष्पक्ष जांच कर सकता है, तो वो सुप्रीम कोर्ट ही है।
ममता बनर्जी के ये इल्जाम बेहद गंभीर हैं दोस्तों। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि अजित पवार की मौत साजिश हो सकती है, और साजिश रचने वाले कोई और नहीं, बीजेपी के ही लोग हो सकते हैं, क्योंकि अजित पवार बीजेपी को छोड़ना चाहते थे।
बीजेपी के खिलाफ बयान दे रहे थे Ajit Pawar
बता दें कि एनसीपी प्रमुख अजित पवार (Ajit Pawar) पिछले कुछ महीनों से लगातार बीजेपी के खिलाफ बयान दे रहे थे। जनवरी में ही उन्होंने कई बार बीजेपी को निशाने पर लिया था। जनवरी की शुरुआत में ही उन्होंने बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अजित पवार ने कहा था कि पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम, जहां भाजपा 2017 से 2022 के बीच सत्ता में थी, वो एशिया का सबसे अमीर नगर निगम था, लेकिन बीजेपी के भ्रष्टाचार के कारण करोड़ों की डिपॉजिट खत्म हो गई और कर्ज में डूब गया।
इस दौरान पवार ने बीजेपी पर तंज भी कसा था। उन्होंने कहा था कि सब जानते हैं कि मुझ पर 70,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले के आरोप लगे थे। आज मैं उन लोगों के साथ सत्ता में हूं जिन्होंने ये आरोप लगाए थे। इस बयान के बाद बीजेपी अजित पवार से अच्छा-खासा चिढ़ी थी। यहां तक कि उन्हें धमकी तक दे दी गई। बीजेपी की तरफ से कहा गया कि अगर हमने भी आरोप लगाने का फैसला किया तो वह पवार के लिए गंभीर मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
बीएमसी चुनाव के दौरान भी साधा था निशाना
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव के दौरान भी अजित पवार (Ajit Pawar) ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 1995 के दौरान शिवसेना-भाजपा की गठबंधन सरकार में पार्टी फंड जुटाने के लिए सिंचाई परियोजनाओं की लागत को जानबूझकर बढ़ाया गया था। मराठवाड़ा की एक परियोजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उस समय की फाइल आज भी उनके पास है। पवार ने सीधा आरोप लगाया कि इस बढ़ाई गई राशि में से 100 करोड़ रुपये ‘पार्टी फंड’ के लिए और 10 करोड़ रुपये संबंधित अधिकारियों की जेब भरने के लिए तय किए गए थे।
पवार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि यदि उस फाइल पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई होती, तो प्रदेश की राजनीति में हाहाकार मच जाता। यहां देखा जाए तो अजित पवार ने इनडायरेक्टली बीजेपी को भ्रष्टाचार की फाइल पब्लिक करने की धमकी दी थी। ऐसे में तमाम विपक्षी नेता यह शक जाहिर कर रहे हैं कि अजित पवार को हमेशा के लिए चुप करवाने के लिए उनके खिलाफ साजिश रची गई है।
NCP ने कर दी जांच की मांग
इधर एनसीपी ने इस विमान हादसे की जांच की मांग कर दी है। एनसीपी प्रवक्ता ब्रज मोहन श्रीवास्तव का कहना है कि इस हादसे की जांच होनी चाहिए, ताकि देश-दुनिया को पता चल सके कि क्या हुआ था। नागपुर कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री नितिन राउत ने भी इस दुर्घटना को साजिश बताते हुए जांच की मांग की है। जिसके बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि जिस विमान दुर्घटना में अजित पवार (Ajit Pawar) की जान गई, उसकी जांच की जाएगी।
बारामती पहुंची AAIB टीम
बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना की जांच के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम दिल्ली से बारामती पहुंच गई है। ब्यूरो की एक टीम दिल्ली में VSR वेंचर्स, जिसका ये जहाज था, उसके ऑफिस में भी पहुंची और प्लेन के बारे में जानकारी ली। क्योंकि प्लेन मेंटेन करने में भी लापरवाही का शक जताया जा रहा है।
कंपनी भी सवालों के घेरे में
जानकारी के मुताबिक, जिस एयरक्राफ्ट के क्रैश होने की वजह से अजित पवार (Ajit Pawar) की मौत हुई है, उसी VSR वेंचर्स कंपनी का लियरजेट 45 जेट 14 सितंबर 2023 को क्रैश हुआ था। इसमें पायलट, को-पायलट और छह यात्री सवार थे। हादसे में सभी को चोटें आईं। को-पायलट की हालत तो गंभीर थी, जिनका लंबा इलाज चला। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि तमाम खामियों के शिकार इस सीरीज के विमान को फिर से उड़ान की अनुमति कैसे दी गई? किसने दी? और डीजीसीए इस दौरान क्या कर रहा था?
खैर, अब मामला चाहे जो भी हो, लेकिन कई जानों का नुकसान तो हो चुका है। अजित पवार के साथ प्लेन में मौजूद उनके पर्सनल असिस्टेंट, सुरक्षाकर्मी और प्लेन स्टाफ समेत 5 लोगों की जान चली गई है। अब सच जांच के बाद ही सामने आएगा।
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