Dr Manmohan Singh and PM Modi
Dr Manmohan Singh: आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की जयंती है। आज के दिन उनकी एक भविष्यवाणी बहुत याद आती है। डॉ मनमोहन सिंह ने साल 2014 में ही भविष्यवाणी कर दी थी कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना देश के लिए विनाशकारी होगा। पूर्व पीएम की कही हुई ये बात सच साबित हो गई। आज भारत हर तरफ से बुरी हालत में है। देश में महंगाई चरम पर है। खाने पीने से लेकर घरेलू सामान तक हर चीज की कीमत बेतहाशा बढ़ रही है।
देश में नौकरी नहीं है। देश के युवा बेरोजगार भटक रहे हैं। अगर उन्हें नौकरी का मौका मिल रहा है तो पेपर लीक हो जा रहे हैं। महिला सुरक्षा के क्या हालात हैं, ये बात किसी से छुपी नहीं है। बिहार से लेकर दिल्ली तक बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। मणिपुर में अलग हाहाकार मचा है। और ऐसे समय पर जानते हैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या कर रहे हैं। भजन क्लबिंग।
मोदी कर रहे भजन क्लबिंग
देश के कई हिस्सों में आज प्रोटेस्ट चल रहे हैं। वोट चोरी के इतने गंभीर आरोप लगे हैं सरकार पर। मणिपुर जैसे राज्य बुरे हालात में हैं। वहां हिंसा नहीं रुक रही। दिल्ली में बेटियों को अपनी सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़नी पड़ रही है। अमेरिका भारत को बार बार 100 पर्सेंट टैरिफ लगाने की धमकियां दे रहा है। और ऐसे समय पर देश के प्रधानमंत्री भजन क्लबिंग का लुत्फ उठा रहे हैं। ये ऐसे बेफिक्र होकर मौज कर रहे हैं, जैसे कुछ हुआ ही नहीं है। जबकि आज देश में हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है।
Manmohan Singh थे बेहतर प्रधानमंत्री
इनसे तो लाख गुना अच्छे थे Manmohan Singh। कम से कम उन्होंने देश को कभी ऐसे हालात में नहीं पहुंचाया। मनमोहन सिंह ने ऐसे समय पर देश को संभाला, जब हम भयंकर आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। वो मनमोहन सिंह ही थे, जिन्होंने अपनी नीतियों की वजह से देश को ऐसे आर्थिक संकट से निकाला। उस वक्त मोदी और उनके मंत्रियों के हाथ में अगर देश होता, तो देश कब का दिवालिया हो चुका होता।
Manmohan Singh को यही मोदी थे, जो मौनमोहन कहकर चिढ़ाते थे। लेकिन आज असली मौनमोहन कौन है, ये सबके पता चल चुका है। आज अमेरिका भारत को नीचा दिखाने का एक मौका नहीं छोड़ता है। जबकि मनमोहन सिंह के समय वो अपनी हद में रहता था। वो घटना याद करिए। जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब भारतीय डिप्लोमैट देवयानी खोबरागड़े को अमेरिका में प्रताड़ित किया गया, तब मनमोहन सिंह ने ऐसे कदम उठाए कि अमेरिका को झुकना पड़ गया।
दिल्ली में अमेरिकी दूतावास से सुरक्षा हटा ली गई। अमेरिकी राजनयिकों को दी जाने वाली कई सुविधाएं वापस ले ली गईं। अमेरिकी कांग्रेस डेलीगेशन के साथ कई भारतीय नेता और अधिकारियों ने मिलने से इनकार कर दिया, जिसमें बीजेपी के नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। और तो और, विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी का फोन तक नहीं उठाया। आखिर में हार थककर अमेरिका को खेद व्यक्त करना पड़ा। और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी को भारत के एनएसए को फोन कर माफी मांगनी पड़ी।
आज अमेरिका के सामने झुक गया है भारत
और अब आज के भारत की हालत देखिए। आज अमेरिका की इतनी हिम्मत है कि वो हमारे नागरिकों को बेड़ियों में जकड़कर भारत भेजता है। आज अमेरिका की इतनी हिम्मत है कि वो हमें आदेश देता है कि हम कहां से तेल खरीदें और कहां से न खरीदें। और मोदी जी झुककर उसके हर आदेश को स्वीकार करते हैं। मनमोहन सिंह वो नेता थे, जिनके अंदर सहनशीलता तो थी ही, लेकिन जरूरत पड़ने पर वो देश के लिए पहाड़ बनकर भी खड़े हो जाते थे। काश Manmohan Singh से कुछ गुण नरेंद्र मोदी भी सीख लेते। तो देश का भला हो जाता।
Also Read-
अपने प्रचार पर बार-बार जनता के पैसे लुटा रही मोदी सरकार, ये आंकड़े देख रह जाएंगे हैरान
मोदी राज में 6.7 मिलियन बच्चों को पूरे दिन नहीं मिलता भोजन, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
