Modi Government

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Modi Government ने एक बार फिर देश की जनता को मुश्किलों में डाल दिया है। रसोई गैस पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में सीधे 60 रुपये की आग लगा दी गई है। दिल्ली में जो सिलेंडर कल तक 853 का था, वह अब 913 रुपये का हो गया है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम तो 115 रुपये तक उछाल मार चुके हैं।

यह वही Modi Government है जो कल तक ढिंढोरा पीट रही थी कि देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर यह लूट क्यों मची है? क्या जनता की जेब काटना ही इस सरकार का एकमात्र ‘मास्टरप्लान’ रह गया है? आज ईरान और इजरायल के युद्ध का बहाना बनाकर आम आदमी का गला घोंटा जा रहा है।

नोटबंदी और कोरोना वाले काले दिनों की वापसी

सड़कों पर फिर से वही मंजर है जो कभी नोटबंदी और कोरोना काल के काले दिनों में दिखा था। लंबी-लंबी कतारें, भूखी-प्यासी जनता और अपनी ही रसोई के हक के लिए अपनों से ही लड़ते लोग। यह Modi Government की उन नीतियों की याद दिला रही है जिसने गरीबों को बर्बाद कर दिया था। गोरखपुर में लोग गैस सिलेंडर के लिए एक-दूसरे के खून के प्यासे हो रहे हैं।

लखनऊ की सड़कों पर जनता का गुस्सा गाली-गलौच तक पहुँच गया है। बिहार में लोग रात-रात भर जागकर लाइन लगा रहे हैं कि शायद सुबह चूल्हा जल सके। नोएडा से लेकर छत्रपति संभाजीनगर तक हाहाकार मचा है, लेकिन Modi Government के मंत्री महलों में बैठकर मौज लूट रहे हैं। उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि गरीब की थाली से रोटी गायब हो रही है।

11 साल का हिसाब: सिर्फ जुमले और विफलता

पिछले 11 सालों का हिसाब मांगिए तो Modi Government सिर्फ जुमले फेंकती है। यह पूरी तरह से एक फिसड्डी सरकार साबित हुई है जो संकट के समय हाथ-पांव फुला लेती है। जिस ‘विश्वगुरु’ बनने का सपना दिखाया गया था, क्या उसकी हकीकत यही है कि जनता एक सिलेंडर के लिए सड़क पर भीख मांगे?

Modi Government ने देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। आपदा में अवसर ढूंढने वाली यह सरकार आज जनता की मजबूरी का फायदा उठाकर अपनी तिजोरियां भर रही है। क्या यही वो ‘अच्छे दिन’ हैं जिनका वादा Modi Government ने किया था, जहाँ रसोई गैस के लिए अपनों से ही भिड़ना पड़ रहा है?

इवेंट मैनेजमेंट में माहिर, पर ज़मीनी हकीकत में फेल

मोदी जी, ये लाइनें सिर्फ गैस के लिए नहीं हैं, ये आपकी सरकार की नाकामियों का जीता-जागता सबूत हैं। 11 साल में देश को विकास के नाम पर सिर्फ महंगाई और कतारों के पीछे धकेल दिया गया है। Modi Government के मुखिया के पास विदेशी दौरों और फोटो खिंचवाने के लिए वक्त है, लेकिन देश की जनता जब भूख और किल्लत से तड़प रही है, तब इनके मुंह से एक शब्द नहीं निकलता।

यह सरकार सिर्फ और सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट में माहिर है, ज़मीन पर यह पूरी तरह फेल हो चुकी है। जनता आज पूछ रही है कि अगर आप बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं कर सकते, तो सत्ता की कुर्सी पर बैठे रहने का आपको क्या हक है?

विदेशी दबाव और कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री

देश को बर्बादी की कगार पर खड़ा करने वाली Modi Government को अब जवाब देना ही होगा। जनता का हक है यह जानना कि Modi Government अमेरिका के सामने एक ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ सरकार की तरह क्यों व्यवहार कर रही है? रूस से सस्ता तेल और गैस लेना अमेरिका के कहने पर क्यों बंद किया गया? क्यों जनता को इस कदर धोखे में रखा गया?

Modi Government से अब किसी भी कीमत पर जनता को इस्तीफा ले लेना चाहिए क्योंकि कोई भी सत्ता उनके बच्चों के भूखे पेट से बड़ी नहीं है। इन दो गुजरातियों और उनके व्यापारी मित्रों ने मिलकर पूरे देश को बर्बाद कर दिया है। Modi Government की इस तानाशाही और लूट का अंत अब अनिवार्य है।


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