Smriti Irani
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Smriti Irani: रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गया… ये कहावत आजकल स्मृति ईरानी पर एकदम सटीक बैठ रही है। अमेठी की जनता ने 2024 में इनकी धज्जियाँ उड़ा दीं, बीजेपी ने भी इन्हें मंत्रिमंडल से बाहर फेंक दिया, फिर भी मैडम की अकड़ और अहंकार में कोई कमी नहीं आई। आज भी ये उतने ही घमंड में जी रही हैं, जितना तब थीं जब मोदी जी की कृपा से कैबिनेट में बैठी थीं।
अखिलेश यादव ने कसा तंज
दरअसल कल संसद में अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए स्मृति (Smriti Irani) पर तंज कसा था। अखिलेश ने कहा था कि सास-बहू वाली तो हार गईं, पार्टी को मौका मिलेगा। ये सुनते ही स्मृति जी बौखला गईं। तुरंत ट्वीट कर दिया। मैडम ने लिखा है, “सुना है आज अखिलेश जी ने संसद में मुझे याद किया। अच्छा है, जिनको राजनीति धरोहर में मिली, वे उनको भी याद करते हैं जो अपने दम पर आसमान में सुराख करते हैं। कामकाजी औरत पर वे टिप्पणी करते हैं जिन्होंने जिंदगी में कभी कोई नौकरी नहीं की। सीरियल से हटाकर संसद पर ध्यान लगाएं, महिलाओं के संबल हेतु अहम बिल पास कराएं।”
मतलब आज अचानक से स्मृति ईरानी (Smriti Irani) महिला कार्ड खेलने लगी हैं। कल तक जब ये संसद में सोनिया गांधी पर चिल्लाती थीं, तंज कसती थीं, तब इन्हें महिला होने का एहसास नहीं हुआ। जब प्रधानमंत्री किसी गुंडे वाली भाषा में ममता बनर्जी पर टिप्पणी करते थे, तब स्मृति को महिला शक्ति की याद नहीं आती। जब इनकी पार्टी के IT सेल के ट्रोल महिलाओं को ऑनलाइन गाली-गलौज देते थे, तब भी इन्हें महिला शक्ति की याद नहीं आई। आज जब किसी ने इन पर एक टिप्पणी कर दी, तो मैडम को महिलाओं की गरिमा की याद आ गई है।
स्मृति ईरानी (Smriti Irani) की याद्दाश्त कमजोर
वो क्या है न, स्मृति ईरानी (Smriti Irani) की याददाश्त थोड़ी ढीली हो गई है। बढ़ती उम्र और अपनी ही पार्टी से मिले धोखे ने उनके दिमाग को झकझोर कर रख दिया है। इसीलिए वो ये सब भूल गई हैं। चलिए थोड़ा इनका इतिहास याद दिला देते हैं।स्मृति ईरानी जब विपक्ष में बैठी थीं, तब इन्हें जनता की कुछ ज्यादा ही फिक्र रहती थी।
कभी सिलेंडर दीदी के नाम से थीं मशहूर
खासकर सिलेंडर की महंगाई तो बिल्कुल नहीं बर्दाश्त होती थी। एलपीजी सिलेंडर के दाम दो रुपए भी बढ़ते थे, तो मैडम (Smriti Irani) सड़क पर बैठ जाती थीं सिलेंडर लेकर। जमकर हो-हल्ला मचाती थीं। लेकिन जैसे ही इनकी पार्टी सत्ता में आई, ईरानी जी का सारा जनता प्रेम हवा में उड़ गया।
आज सिलेंडर के दाम हर महीने बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन मजाल है कि ईरानी जी के मुंह से इस पर एक भी शब्द निकल जाए। पर जरा सा इनका नाम संसद में क्या ले लिया गया, मैडम जवाब देने तुरंत एक्स पर पहुंच गईं। इसे ही कहते हैं रस्सी जल गई पर बल नहीं गया। सब कुछ छिन गया है इनका, पर अकड़ आज भी कम नहीं हुई है।
2024 में छिना था सब
याद दिला दें कि स्मृति ईरानी (Smriti Irani) 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट से चुनाव हार गई थीं। इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार के नए मंत्रिमंडल में भी जगह नहीं मिली। उन्हें न तो संगठन में कोई पद मिला और न ही सरकार में। कुल मिलाकर बीजेपी ने इन्हें ऐसे निकाल फेंका जैसे दूध से मक्खी। जब बीजेपी ने ठुकाराया, तो स्मृति बड़ी उम्मीदों के साथ मुंबई की मायानगरी लौटीं। एक बार फिर से अपना एक्टिंग करियर शुरू करने। लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा हाथ लगी।
पहले तो कई बड़े कलाकारों ने उनके साथ काम करने से सीधा मना कर दिया, जिससे स्मृति (Smriti Irani) को बड़ा झटका लगा। फिर भी जैसे-तैसे उन्होंने काम शुरू किया। स्मृति ने वापस से तुलसी का भेष धरा। टीवी सीरियल “क्योंकि सास भी कभी बहू थी” में काम शुरू किया। लेकिन वो भी फ्लॉप हो गया। सीरियल चला नहीं। कुल मिलाकर जिस उम्मीद से स्मृति टीवी की ओर लौटी थीं, वो भी पूरी नहीं हुई। तो अब आखिर में हार-थककर ईरानी सुर्खियों में बने रहने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही हैं।
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