INDIA bloc
INDIA bloc की अगुवाई में 8 जून को दिल्ली में एक बेहद अहम और बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसने देश के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस के नेतृत्व में हुई करीब ढाई घंटे की इस मैराथन बैठक में एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 25 दलों के नेता एक छत के नीचे नजर आए। बैठक में सभी नेताओं ने एक सुर में मोदी सरकार के काम करने के तरीकों को तानाशाही करार देते हुए दो टूक कहा कि अब विपक्ष झुकने वाला नहीं है।
इस महा-जुटान के जरिए INDIA bloc ने केंद्र सरकार को घेरने के लिए ऐसा चक्रव्यूह रच दिया है, जिससे सत्ता पक्ष में बेचैनी का माहौल है। विपक्ष का दावा है कि जिस तरह 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत से दूर रखकर घुटने टेकने पर मजबूर किया गया था, ठीक वैसे ही अब इन्हें सत्ता से उखाड़ फेंकने का पूरा प्लान तैयार हो चुका है।
चुनाव निष्पक्षता के लिए सीजेआई को पत्र सौंपेगा INDIA bloc
इस उच्च स्तरीय बैठक में सिर्फ राजनीतिक चर्चा नहीं हुई, बल्कि INDIA bloc ने सीधे एक्शन में आने की पूरी तैयारी कर ली है। अलायंस में शामिल सभी 25 दलों ने सर्वसम्मति से तय किया है कि देश में मतदाता सूची में जो कथित हस्तक्षेप हो रहा है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह वही एसआईआर (SIR) वाला मामला है, जिसका पर्दाफाश राहुल गांधी ने साल 2025 में किया था।
अब चुनावों की निष्पक्षता पर लगातार उठ रहे सवालों को लेकर INDIA bloc अब देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) का दरवाजा खटखटाने जा रहा है। INDIA bloc के नेताओं द्वारा सीजेआई को एक कड़ा पत्र सौंपा जाएगा, ताकि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो सके और सरकार की मनमानी पर लगाम लगाई जा सके।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा INDIA bloc
बैठक के दौरान देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य को लेकर भी INDIA bloc ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। INDIA bloc ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। विपक्ष का आरोप है कि शिक्षा मंत्री के रहते हुए देश के युवाओं का भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो रहा है।
नीट (NEET) से लेकर तमाम बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं और क्वेश्चन पेपर में धांधली के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। युवाओं के इसी आक्रोश को देखते हुए INDIA bloc की इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया है कि शिक्षा मंत्री को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरेगा INDIA bloc
देश की बदहाल आर्थिक स्थिति और जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को लेकर भी INDIA bloc ने सरकार को चैन की सांस न लेने देने का संकल्प लिया है। इस महा-संग्राम में शामिल दलों ने साफ कर दिया है कि वे कमरतोड़ महंगाई, आसमान छूती बेरोजगारी और हमारे अन्नदाता किसानों की बदहाली के मुद्दों को पूरी ताकत से उठाएंगे।
INDIA bloc का मानना है कि सरकार के गलत फैसलों से देश की जनता बेहाल है। अब सड़कों से लेकर संसद तक सरकार को हर मोर्चे पर घेरने के लिए INDIA bloc पूरी तरह एकजुट हो चुका है और सरकार के किसी भी पैंतरे को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
2027 और 2029 के चुनावों के लिए INDIA bloc का शंखनाद
इस बैठक के जरिए INDIA bloc ने आने वाले समय के लिए अपनी लंबी सियासी रणनीति साफ कर दी है। विपक्ष का दावा है कि INDIA bloc का यह बढ़ता भौकाल न तो साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की गद्दी बचने देगा और न ही साल 2029 के लोकसभा चुनाव के महासंग्राम में सत्ता पक्ष को संभलने का मौका देगा।
INDIA bloc के इस शंखनाद ने साफ कर दिया है कि अब देश की जनता और विपक्ष मिलकर सरकार का बोरिया-बिस्तर समेटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जिससे भाजपा खेमे में घबराहट साफ देखी जा सकती है।
युवाओं और जनता के गुस्से के सामने घुटने टेकेगी सरकार: INDIA bloc
कुल मिलाकर, INDIA bloc की इस ढाई घंटे की बैठक ने देश की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है। विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि अब खेल शुरू हो चुका है और सरकार को अपनी नीतियों को बदलना ही होगा। युवाओं, छात्रों और आम जनता के गुस्से से डरी हुई मोदी सरकार के पास अब इस महा-घेराबंदी का सामना करने का कोई आसान रास्ता नहीं बचा है। INDIA bloc का यह संयुक्त मोर्चा आने वाले दिनों में देशव्यापी आंदोलन और कानूनी लड़ाइयों के जरिए सरकार की घेराबंदी को और तेज करने जा रहा है।
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