Rahul Gandhi

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Rahul Gandhi देहरादून के परेड ग्राउंड में युवाओं से सीधी बात करने वाले थे, लेकिन बीजेपी सरकार ने ऐन वक्त पर परमिशन रद्द कर दी। देश में पेपर लीक और छात्रों के बर्बाद होते भविष्य को लेकर चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है और युवा सड़कों पर उतरकर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।

इन गंभीर मुद्दों पर विपक्ष के नेता Rahul Gandhi उत्तराखंड के देहरादून में युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। लेकिन युवाओं के इस गुस्से और सच से थर-थर कांपती उत्तराखंड की धामी सरकार तथा केंद्र की मोदी सरकार ने मिलकर लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली एक बड़ी साजिश रच डाली।

सरकारी अनुमति और भारी-भरकम फीस पर फिरा पानी

देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में 17 जुलाई को Rahul Gandhi का ‘छात्रों की गूंज’ नामक भव्य कार्यक्रम होना पूरी तरह तय हो चुका था। इसके लिए कांग्रेस पार्टी की तरफ से बकायदा सभी नियम-कायदों का पालन करते हुए एक लाख सतहत्तर हजार रुपये की भारी-भरकम फीस भी सरकारी खाते में जमा करा दी गई थी।

लेकिन आखिरी वक्त पर Rahul Gandhi के खौफ से डरी बीजेपी सरकार ने एक घटिया और झूठा बहाना बनाकर इस कार्यक्रम की परमिशन को अचानक रद्द कर दिया। प्रशासन ने यह तर्क दिया कि परेड ग्राउंड में पहले से ही कोई दूसरा कार्यक्रम निर्धारित है।

देर रात कांग्रेस नेताओं के खुलासे से खुली बीजेपी की पोल

प्रशासन के इस फैसले के बाद जब उसी दिन देर रात कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता जमीनी हकीकत जानने परेड ग्राउंड पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर चौंक गए। पूरा का पूरा परेड ग्राउंड एकदम खाली पड़ा हुआ था और दूर-दूर तक किसी भी दूसरे सरकारी या गैर-सरकारी कार्यक्रम का कोई नामोनिशान तक नहीं था।

बीजेपी सरकार का यह सफेद झूठ सरेआम बेनकाब हो गया। यह साफ दिखाता है कि बीजेपी देश के युवाओं की हुंकार और Rahul Gandhi की बुलंद आवाज से इस कदर घबरा गई है कि अब वह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने पर उतर आई है।

युवाओं का ध्यान भटकाने के लिए मनोरंजन का सहारा

बीजेपी की घिनौनी और निचले स्तर की राजनीति का असली चेहरा तब सामने आया जब परेड ग्राउंड का असली सच उजागर हुआ। एक तरफ देश का युवा पेपर लीक और बेरोजगारी से तड़प रहा है, तो दूसरी तरफ सूबे की सरकार ने ठीक उसी समय पर परेड ग्राउंड में सिंगर जस्मीन सैंडलस के गानों का एक रंगारंग नाच-गाने का कार्यक्रम रख दिया।

यह सब सिर्फ इसलिए किया गया ताकि युवाओं का ध्यान भटकाया जा सके और वे गंभीर मुद्दों को छोड़कर मनोरंजन में व्यस्त हो जाएं। बीजेपी सरकार Rahul Gandhi के कार्यक्रम को किसी भी तरह से फ्लॉप करना चाहती थी।

बन्नू स्कूल ग्राउंड से गूंजेगी छात्रों की आवाज

तानाशाह सरकार यह भूल गई कि जब हक की आवाज बुलंद होती है, तो मैदान छोटे पड़ जाते हैं। तमाम षडयंत्रों और रोड़ों के बावजूद बीजेपी वाले Rahul Gandhi को देहरादून में दहाड़ने से रोक नहीं पाए। अब Rahul Gandhi रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल के ग्राउंड में जाकर छात्रों के हक की आवाज उठाएंगे। इस बन्नू ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में Rahul Gandhi देश के भविष्य यानी छात्रों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर रखेंगे।

मोदी-शाह के खौफ की गवाह बनी यह घटिया राजनीति

एक ही समय पर दो अलग-अलग मैदानों में दो विरोधी आयोजन रखना इस बात का पुख्ता सबूत है कि मोदी और शाह की जोड़ी Rahul Gandhi के बढ़ते कदमों से कितना ज्यादा भयभीत है। उन्हें डर है कि अगर उत्तराखंड के युवाओं ने Rahul Gandhi का संदेश सुन लिया, तो पेपर लीक घोटाले की पूरी कमान संभाल रही बीजेपी सरकार की ईंट से ईंट बज जाएगी। लेकिन जनता अब जागरूक हो चुकी है और बीजेपी की इस घटिया साजिश तथा उनके इस खौफनाक चेहरे को बहुत अच्छी तरह समझ चुकी है।


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