Rahul Gandhi
Rahul Gandhi: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीजेपी के मुंह पर जोरदार तमाचा मार दिया है। नेता विपक्ष राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता वाली फर्जी और झूठी याचिका खारिज कर दी गई है। दरअसल बीजेपी की कठपुतली विग्नेश नाम के फ्रॉड ने राहुल गांधी के पास ब्रिटेन की नागरिकता होने का अनर्गल आरोप लगाया था। अब कोर्ट ने याचिका खारिज करते समय साफ कहा कि आरोप सिद्ध करने के लिए एक भी सबूत या दस्तावेज नहीं हैं। कोई पेपर नहीं, कोई सबूत नहीं। बस हवा में उड़ाए गए आरोप हैं ये।
मीडिया में तब चली थी खूब खबरें
इस केस पर बहुत सारे चरणचुंबकों ने ब्रेकिंग न्यूज चलाई थी। फर्जी डिबेट भी किए थे। टीवी चैनलों पर घंटों चर्चा चली। सोशल मीडिया पर पोस्ट्स की बौछार हुई। लेकिन जब याचिका खारिज हुई तो सुई टपक सन्नाटा रहा। सबको एक साथ सांप सूंघ गया। क्यों? क्योंकि झूठ का बुलबुला फूट गया। नागरिकता वाले इस झूठ पर भी लाखों करोड़ों रुपये खर्च हुए। बीजेपी ने इस झूठ को फैलाने के लिए अच्छा खासा पैसा बर्बाद किया। व्हाट्सएप पर घुमाया गया ये झूठ। सोशल मीडिया पर फैलाया गया। लेकिन आखिर में सारा फर्जीवाड़ा औंधे मुंह गिर पड़ा। आज सच एक बार फिर जीत गया और झूठ की हार हुई है।
Rahul Gandhi को बदनाम करने के लिए बीजेपी ने चली कई चालें
राहुल गांधी को बदनाम करने के लिए बीजेपी ने सिर्फ एक नहीं बल्कि कई चालें चली हैं। शुरू से ही वो राहुल गांधी को पप्पू साबित करने में जुटी रही है। राहुल गांधी के बयानों को काट छांटकर वायरल करना। उनके (Rahul Gandhi) बारे में झूठी बातें फैलाना। इन सब पर करोड़ों रुपये फूंके गए। लेकिन राहुल गांधी डरे नहीं। डटे रहे। लड़ते रहे सच के लिए, जनता के लिए। और आज देखिए बीजेपी की सारी मेहनत पर पानी फिर चुका है।
सच आखिरकार आ गया सामने
Rahul Gandhi का सच आज पूरा देश देख रहा है। कोर्ट ने साफ कह दिया कि याचिकाकर्ता एक भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया। ब्रिटेन के रजिस्ट्रार का कोई पेपर नहीं था। नागरिकता का कोई प्रमाण नहीं था। सिर्फ एक कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का लेटर था जो कुछ साबित नहीं करता। ऐसे में याचिका वापस लेनी पड़ी और कोर्ट ने खारिज कर दी।हालांकि ये तरीका नया नहीं है। पहले भी राहुल गांधी पर कई फर्जी आरोप लगाए गए। नाम बदलने की बात। विदेशी होने की बात। हर बार शोर मचाया गया। हर बार मीडिया में हंगामा किया गया। लेकिन जब कोर्ट पहुंचा तो सब कुछ हवा हो गया। सबूत नहीं निकले।
बीजेपी को लगता है कि झूठ फैलाकर राहुल गांधी की छवि खराब कर देंगे। लेकिन जनता अब समझदार हो गई है। बार बार एक ही झूठ दोहराने से कोई फर्क नहीं पड़ता। उल्टा खुद की साख गिरती है। राहुल गांधी इन हमलों के बावजूद आगे बढ़ रहे हैं। जनता के मुद्दे उठा रहे हैं। महंगाई, बेरोजगारी, किसान, युवा, सब पर बोल रहे हैं। आज राहुल गांधी देश के युवाओं के फेवरेट नेता बन चुके हैं। लोग उनमें अगला प्रधानमंत्री देख रहे हैं। और यही सब देख बीजेपी की हालत खराब हो रखी है।
आज भी नहीं रुक रही बीजेपी
बीजेपी आज भी Rahul Gandhi को लेकर झूठ फैलाने में लगी है। कोशिश कर रही है कि कैसे भी राहुल गांधी की जननेता वाली छवि को धूमिल किया जाए। लेकिन अब उनका एक भी दांव काम नहीं आ रहा है, उनकी हर चाल फेल हो जा रही है। आज इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला एक बार फिर साबित कर दिया है कि झूठ की कोई आयु नहीं होती। देर सबेर सच सामने आ ही जाता है। बीजेपी जितना पैसा और ताकत इस झूठ को फैलाने में लगाएगी उतना ही खुद को शर्मिंदा करेगी।
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