Manmohan Singh
Table of Contents
Manmohan Singh की आर्थिक नीतियों और दूरदर्शिता को आज भी देश याद करता है। देश में पिछले 11 सालों से मोदी जी की सरकार है और इन्हें कोसने वालों की कोई कमी नहीं है क्योंकि काम ही इस सरकार के ऐसे रहे हैं। कभी सांप्रदायिकता की आग को भड़काने वाली बात होती है, तो कभी अपनी नाकामी पर जनता से थाली पिटवा दी जाती है। वहीं सोशल मीडिया पर फैले अंधभक्तों को उनकी बातों से आसानी से पहचाना जा सकता है। लेकिन इन सभी परिस्थितियों के बीच देश के दो नेता ऐसे हैं, जिनकी कही बातें हमेशा सही साबित होती हैं और जिन्होंने मोदी सरकार की नाक में दम करके रखा हुआ है।
इन दोनों नेताओं की भविष्यवाणियां बिल्कुल सच साबित हुई हैं। इनके नाम हैं देश के पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh और देश के नेता विपक्ष राहुल गांधी। हालांकि कांग्रेस नेता Manmohan Singh अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उन्हीं की तरह राहुल गांधी उनसे भी दो कदम आगे होकर मोदी सरकार के हर गलत फैसले और नाकाम इरादों की भनक पहले ही जनता को दे देते हैं।
जब सच साबित हुई Manmohan Singh की भविष्यवाणी
तो चलिए, पहले बात करते हैं देश के पूर्व प्रधानमंत्री और महान अर्थशास्त्री डॉ. Manmohan Singh की, जिनकी आर्थिक समझ का लोहा पूरी दुनिया मानती थी। साल 2016 में जब मोदी जी ने अचानक रात आठ बजे आकर टीवी पर नोटबंदी का ऐलान किया था और गोदी मीडिया खुशियां मना रहा था, तब Manmohan Singh ने बिना किसी झिझक के साफ-साफ कह दिया था कि मोदी जी का यह फैसला एक संगठित लूट और कानूनी डाका है।
Manmohan Singh ने तब भविष्यवाणी की थी कि नोटबंदी की वजह से देश की जीडीपी कम से कम 2% गिर जाएगी। अंधभक्तों ने तब Manmohan Singh का खूब मजाक उड़ाया था, लेकिन जब सरकारी आंकड़े आए तो देश दंग रह गया। भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट सचमुच 2% गिरकर सीधे 5.7% पर आ गई थी और मनमोहन सिंह की बात सच साबित हुई।
आर्थिक कुप्रबंधन पर मोदी सरकार को घेरा
यही नहीं, जब मोदी सरकार के मंत्री कह रहे थे कि नोटबंदी से अभी थोड़ी तकलीफ होगी लेकिन लंबे समय में बड़ा फायदा होगा, तब डॉ. Manmohan Singh ने दुनिया के मशहूर अर्थशास्त्री कीन्स की बात दोहराते हुए मोदी सरकार पर करारा तंज कसा था। Manmohan Singh ने कहा था कि लंबे समय में तो हम सब मर चुके होंगे, यानी आज जो गरीब, मजदूर और छोटे व्यापारी भूखे मर रहे हैं उन्हें कल के हवाई फायदों का सपना मत दिखाओ।
आज स्पष्ट है कि नोटबंदी और जल्दबाजी में लाए गए जीएसटी ने हमारे छोटे उद्योगों को ऐसा बर्बाद किया कि देश आज तक उस मार से उबर नहीं पाया है। इसके बाद Manmohan Singh ने साल 2019 में ही चेतावनी दे दी थी कि मोदी सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन के कारण देश में ऐतिहासिक बेरोजगारी और मंदी आने वाली है। इसके कुछ ही महीनों में ऑटो सेक्टर से लेकर हर छोटे-बड़े धंधे बंद होने लगे और बेरोजगारी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
राहुल गांधी ने कोरोना और विदेश नीति पर चेताया
अब आते हैं राहुल गांधी पर, जो आज के दौर में मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ी आफत बने हुए हैं। राहुल गांधी की भविष्यवाणियों का ट्रैक रिकॉर्ड तो ऐसा है कि खुद उनके विरोधी भी अब अंदर ही अंदर उनसे डरने लगे हैं। याद करिए साल 2020 की शुरुआत, जब देश में कोरोना का एक भी केस ठीक से नहीं आया था, तब राहुल गांधी ने सरकार को साफ चेताया था कि कोरोना वायरस हमारी जनता और अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ा सुनामी जैसा खतरा है और सरकार को तुरंत तैयारी करनी चाहिए।
लेकिन मोदी जी तब नमस्ते ट्रंप कराने और अपनी सरकार चमकाने में व्यस्त थे, जिसका नतीजा यह हुआ कि अचानक बिना तैयारी के ऐसा लॉकडाउन लगा कि लाखों मजदूर सड़कों पर आ गए और दूसरी लहर में जो तबाही मची वह पूरा देश जानता है। इसके बाद राहुल गांधी ने विदेश नीति को लेकर भी मोदी सरकार को आईना दिखाया था और कहा था कि मोदी सरकार की विदेश नीति से भारत को बड़ा नुकसान हो रहा है। मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर एक ऐसी ट्रेड डील कर ली जिसके तहत भारत अब अमेरिका से कृषि प्रोडक्ट आयात करेगा, जिससे भारत के अपने किसान पूरी तरह चौपट हो जाएंगे और देश में गरीबी बेतहाशा बढ़ जाएगी।
कमर्शियल गैस पर फूटा चुनावी महंगाई का बिल
और देखिए, जो कहा वही हुआ। चुनाव खत्म होते ही देश पर महंगाई का सबसे बड़ा बम फूटा है। राहुल गांधी ने पहले ही आगाह किया था कि चुनाव के बाद महंगाई की तपिश बढ़ेगी और अभी कुछ ही दिनों पहले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 993 रुपये की ऐतिहासिक बढ़ोतरी ने इस बात को सच साबित कर दिया। राहुल गांधी की चेतावनियां अब धरातल पर साफ दिख रही हैं क्योंकि पिछले महज 3 महीनों में गैस के दामों में 81% का भारी इजाफा हुआ है।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर इसे जनता पर मोदी सरकार का चुनावी बिल करार दिया है। राहुल गांधी का अंदेशा बिल्कुल सही निकला क्योंकि जब ढाबा, होटल और हलवाई की रसोई महंगी होगी, तो इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। राहुल ने साफ कर दिया है कि यह तो बस शुरुआत है, पहला वार गैस पर हुआ है और अगला निशाना पेट्रोल-डीजल होगा। इससे साफ है कि देश के आर्थिक हालात पर राहुल गांधी का विजन और उनकी भविष्यवाणियां एक बार फिर सटीक बैठी हैं।
मिडिल ईस्ट संकट पर सरकार की लापरवाही
अभी देश के 5 राज्यों के चुनाव खत्म हो चुके हैं, जहां-जहां जुगाड़ सफल रहा वहां बीजेपी ने अपनी सरकार बना ली और फटाफट सीएम भी बना दिए। लेकिन इस बीच मिडिल ईस्ट में जंग भी जारी रही और अमेरिका, इजरायल तथा ईरान के बीच जमकर मारकाट मचती रही।
इस दौरान राहुल गांधी ने भारत की मोदी सरकार से हाथ जोड़कर अपील की थी कि संकट का समय सिर पर है, इसलिए इस जंग से जो आर्थिक मुसीबत आने वाली है उससे निपटने की तैयारियां अभी से शुरू कर लो। लेकिन हमारी अहंकारी मोदी सरकार ने हमेशा की तरह नेता विपक्ष की बातों को अनसुना कर दिया। अब तैयारियां तो कुछ की नहीं और अब मोदी जी देश की जनता से मिन्नतें कर रहे हैं तथा टीवी पर आकर ज्ञान दे रहे हैं कि देश का पैसा बचाने के लिए सोना मत खरीदो और विदेश यात्रा पर मत जाओ। अपनी नाकामी छुपाने के लिए अब जनता पर ही पाबंदियां लगाई जा रही हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर राहुल की नई भविष्यवाणी
और अब आज यानी 25 मई को जब मोदी सरकार में इसी महीने चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े, तो राहुल गांधी ने एक बार फिर बड़ी भविष्यवाणी कर दी है कि पेट्रोल-डीजल के दाम अभी और बढ़ेंगे। अब इस पर नजर रखना होगा कि क्या मोदी सरकार राहुल गांधी की उम्मीदों पर खरी उतरती है क्योंकि अब तक में तो आम लोगों की जेब पर करीबन 8 रुपये प्रति लीटर की सीधी मार पड़ चुकी है। दिल्ली और देश के तमाम बड़े-बड़े शहरों में पेट्रोल 102 और डीजल 95 के पार जा चुका है, वहीं कहीं-कहीं तो स्थिति इससे भी ज्यादा खराब है।
राहुल गांधी साफ कह रहे हैं कि सरकार की गलत नीतियों के कारण यह बढ़त अभी रुकने वाली नहीं है और यह आग अभी और बढ़ेगी। अब देखना यह है कि देश की जनता कब तक इस महंगाई को झेलेगी और टीवी पर बैठी गोदी मीडिया कब तक इस नाकामी को छुपाने के लिए ईरान-अमेरिका जंग का चूरण बेचती रहेगी। तो यह साफ है कि पहले Manmohan Singh ने और अब राहुल गांधी ने मोदी सरकार की बखिया उधेड़ कर रख दी है और मोदी सरकार लगातार इनकी भविष्यवाणियों को सही साबित करने में लगी हुई है, बाकी तो जनता समझदार है ही।
Read More
अब 20% नहीं, 30% एथेनॉल की मिलावट होगी पेट्रोल में; मोदी सरकार का नया फरमान
मोदी राज में 6.7 मिलियन बच्चों को पूरे दिन नहीं मिलता भोजन, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
