Subramanian Swamy and PM Modi
Subramanian Swamy on Modi: आज हमारे देश के तीन बेकसूर नाविक शहीद हो चुके हैं। अमेरिका ने उन्हें मार डाला। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के मुंह से अभी तक एक शब्द भी नहीं निकला है। ये चुप्पी अब बीजेपी के ही वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी को भी खल रही है। उन्होंने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। स्वामी ने यहां तक कह दिया है कि मोदी ट्रंप से डरते हैं और कांपते हैं।
क्यों हुई नाविकों की हत्या?
चलिए पहले जान लेते हैं कि हमारे तीन नाविकों की हत्या कैसे हुई।स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और ओमान की खाड़ी में अमेरिका लगातार भारतीय क्रू वाले जहाजों को निशाना बना रहा है। जबकि वो अच्छी तरह जानता है कि इन जहाजों पर भारतीय नाविक काम कर रहे हैं, फिर भी मिसाइलें दाग रहा है। अब तक अमेरिका तीन जहाजों को निशाना बना चुका है।
3 जहाजों पर हमला कर चुका है अमेरिका
सबसे पहले 8 जून को MT मैरिवेक्स पर हमला हुआ। उसमें 24 भारतीय क्रू थे। अमेरिका ने कहा कि जहाज ब्लॉकेड तोड़ रहा था। इस हमले में किसी तरह सबको बचा लिया गया। लेकिन 10 जून को ओमान के तट के पास अमेरिकी नेवी ने भारतीय क्रू वाले तेल टैंकर ‘सेट्टेबेलो’ पर हमला कर दिया। अमेरिका ने खुद इसकी पुष्टि की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उनके एयरक्राफ्ट ने जहाज के इंजन रूम में सटीक गोलीबारी की क्योंकि क्रू ने उनके निर्देश मानने से इनकार कर दिया। इससे इंजन रूम में भयंकर आग लग गई।
इस जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। 21 को बचा लिया गया, लेकिन तीन लापता हो गए। बाद में खबर आई कि तीनों भारतीय नाविक शहीद हो चुके हैं। इसके बाद 11 जून को ओमान के तट के पास MT जलवीर नाम के भारतीय क्रू वाले जहाज पर भी हमला हुआ। इस हमले में जहाज में आग लग गई। इस हमले की जिम्मेदारी भी अमेरिका ने ली है।
मोदी सरकार ने साध ली है चुप्पी
इस तरह अमेरिका ने तीन भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमले किए और हमारे तीन नाविकों की जान ले ली। लेकिन इसके बावजूद मोदी सरकार ने अमेरिका को कोई जवाब नहीं दिया। न तो कोई सख्त एक्शन लिया गया और न ही कोई मजबूत बयान जारी किया गया।अब मोदी सरकार की इस चुप्पी पर बीजेपी के ही दिग्गज नेता सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने दो ट्वीट किए। पहले ट्वीट में स्वामी ने लिखा, “भारत को अमेरिकी राजदूत को दिल्ली से वापस वाशिंगटन भेज देना चाहिए और साफ कह देना चाहिए कि जब तक अमेरिका इस लापरवाह हमले के लिए माफी नहीं मांगता और अफसोस नहीं जताता, तब तक राजदूत भारत न लौटे।”
स्वामी (Subramanian Swamy) ने आगे कहा कि मोदी जी ट्रंप के सामने बिल्कुल बिल्ली के बच्चे जैसे हैं। उनसे डरते हैं, कांपते हैं।दूसरे ट्वीट में सुब्रमण्यम स्वामी ने सवाल किया कि विदेश मंत्रालय क्यों सिर्फ दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के अधिकारी से बात कर रहा है? अगर प्रधानमंत्री मोदी में हिम्मत है तो खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को फोन करके सीधा विरोध दर्ज करवाएं। जो बात उन्होंने ट्रंप से कही, वो सार्वजनिक भी कर दें। लेकिन मुझे पता है मोदी ऐसा क्यों नहीं करेंगे।
क्या अब जवाब देंगे मोदी?
मतलब अब मोदी सरकार की चुप्पी पर खुद बीजेपी के नेता (Subramanian Swamy) भी खुलकर बोल रहे हैं। वे साफ कह रहे हैं कि मोदी जी में ट्रंप का सामना करने की हिम्मत नहीं है। वे ट्रंप से डरते हैं।अब सवाल ये उठता है कि इतना सब सुनने के बाद भी मोदी सरकार का स्वाभिमान जगेगा या नहीं? क्या वो ट्रंप को जवाब देने की हिम्मत दिखा पाएंगे? या फिर सब कुछ चुपचाप बर्दाश्त करते रहेंगे और दुनिया के सामने भारत की बेइज्जती करवाते रहेंगे?
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