Yogi Adityanath Vs Modi Shah
Yogi Adityanath UP: योगी आदित्यनाथ के साथ बड़ा खेल होने वाला है। मोदी-शाह का प्लान अब एकदम साफ साफ दिखने लगा है। दिल्ली में योगी को किनारे करने की तैयारी चल रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद योगी का काम खत्म हो जाएगा। बीजेपी उन्हें भी ठीक वैसे ही किनारे करेगी, जैसे स्मृति इरानी जैसे बाकी नेताओं को लगाया था।
दरअसल यूपी बीजेपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक बार फिर साफ कह दिया है कि योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) मुख्यमंत्री के चेहरे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट्री बोर्ड तय करता है कि चेहरा कौन होगा। बड़ी बात ये है कि पंकज चौधरी ने हाल फिलहाल यही बात दूसरी बार कही है। पहले आज तक को दिए इंटरव्यू में और अब एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में। अगला प्रधानमंत्री बनने का कैंपेन चला रही योगी आदित्यनाथ की टीम के लिए ये बुरी खबर है। कहां योगी अगले प्रधानमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं, और कहां उन्हें मुख्यमंत्री का पद भी नहीं मिलने वाला है।
पंकज चौधरी ने गिनाए कई नाम
जान लीजिए कि पंकज चौधरी ने इस दौरान कई नाम गिनाए। कहा कि मोदी जी सबसे बड़े चेहरे हैं। योगी भी चेहरा हैं। राजनाथ सिंह भी। अमित शाह भी। केशव प्रसाद मौर्य भी। ब्रजेश पाठक भी। मतलब साफ है। योगी (Yogi Adityanath) को अकेला चेहरा नहीं माना जा रहा। पार्टी सामूहिक नेतृत्व की बात कर रही है। इसका मतलब आप समझ जाइए कि खेला होने वाला है। लेकिन ये अचानक नहीं हुआ। लंबे समय से दिल्ली बनाम लखनऊ की लड़ाई चल रही थी। योगी यूपी को अपने हिसाब से चलाना चाहते थे।
लेकिन मोदी-शाह चाहते थे कि सब कुछ दिल्ली के नियंत्रण में रहे। फैसले वहीं से हों। मंत्री कौन बने, अधिकारी कैसे लगें, सब पर नजर रहे। पर योगी दिल्ली के आगे झुकने को तैयार नहीं थे। वो यूपी में अपनी मनमानी चला रहे थे। और यही बात दिल्ली को हजम नहीं हो रही थी। इसी गुत्थम गुत्थी में विवाद बढ़ता चला गया। और आज नौबत ये आ गई कि योगी को किनारे करने की प्लानिंग चल रही है।
झुकने को तैयार नहीं Yogi Adityanath
इधर योगी भी झुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिछले महीने जब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर में योगी को लताड़ने की कोशिश की थी, तब योगी ने एकदम साफ कह दिया था कि जो कुर्सी कल जानी है, वो आज ही चली जाए। कोई दिक्कत नहीं है। ये बयान देकर योगी ने एकदम साफ कर दिया था कि वो झुकने वाले नहीं हैं। चाहे कुर्सी ही क्यों न चली जाए। उन्होंने सीधे सीधे दिल्ली को चैलेंज दे दिया, कि अब लड़ाई आर या पार की होगी। उनका (Yogi Adityanath) ये बयान साफ बताता है कि लड़ाई अब जबरदस्त छिड़ चुकी है। कभी भी विभाजन की खबरें आ सकती हैं।
योगी ने शुरु कर दी है तैयारी
योगी (Yogi Adityanath) इसके लिए तैयारियां शुरु कर चुके हैं। चुपचाप बैठकें हो रही हैं, बंद कमरों में प्लानिंग चल रही है। कुल मिलाकर योगी अपना अलग कुनबा बना रहे हैं। इधर पंकज चौधरी जैसे नेता बार बार ये बात दोहरा रहे हैं कि चेहरा पार्टी तय करेगी। मतलब योगी को पहले से घोषित चेहरा नहीं बनाया जाएगा। 2027 के चुनाव में सामूहिक नेतृत्व का नारा दिया जाएगा। और चुनाव के बाद बड़े आराम से योगी को किनारे कर दिया जाएगा। बता दें कि योगी की टीम लंबे समय से उन्हें अगला प्रधानमंत्री बनाने का माहौल बना रही थी। सोशल मीडिया पर कैंपेन चल रहा था। पोस्टर लग रहे थे।
लेकिन अब लगता है कि मोदी शाह ने इस खेल को भांप लिया है। और अब इस खेल को जड़ से मिटाने का प्लान बना लिया है। कुल मिलाकर ये विधानसभा चुनाव योगी के लिए आर या पार की लड़ाई होने वाली है। यूपी की राजनीति में नया मोड़ आने वाला है। अब योगी किनारे होते हैं या फिर खुद को बचा लेते हैं, ये आने वाला समय बताएगा। लेकिन अभी जो हवा चल रही है, वो योगी के लिए आसान नहीं दिख रहा।
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