Congress
Congress ने आज आजाद भारत के इतिहास की सबसे कमजोर विदेश नीति का हवाला देते हुए मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्ट्रैट ऑफ हॉर्मूज में अमेरिकी मिसाइल हमले में तीन बेकसूर भारतीय नौजवानों की जान जाने के बाद पूरे देश में गम और गुस्से का माहौल है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशों में दौरों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, जिस पर Congress ने तीखा हमला बोला है। 15 जून को विपक्ष ने साफ चेतावनी दी है कि सरकार या तो नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे या सत्ता छोड़ दे।
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना की क्रूरता
स्ट्रैट ऑफ हॉर्मूज के पास ओमान की खाड़ी में 10 जून को एक कमर्शियल जहाज ‘एमटी सेट्टेबेलो’ पर अमेरिकी सेना ने हमला किया। यह जानते हुए भी कि जहाज पर भारतीय नाविक सवार थे, अमेरिकी मिसाइलें दागी गईं। इस हमले में उत्तर प्रदेश के शिवानंद चौरसिया, हिमाचल के आदित्य शर्मा और आंध्र प्रदेश के पटनाला सुरेश की दर्दनाक मौत हो गई। देश की जनता सड़कों पर उतरकर अमेरिकी झंडे फाड़ रही है, लेकिन प्रधानमंत्री की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक शोक संदेश नहीं आया है।
पूंजीपतियों और आम नागरिकों में भेदभाव का आरोप
इस संवेदनशील मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरते हुए Congress ने कहा है कि आम नागरिकों की जान की इस सरकार में कोई कीमत नहीं है। विपक्ष का आरोप है कि अगर यही किसी बड़े उद्योगपति या उच्च अधिकारी के बच्चे होते, तो पूरी सरकार हरकत में आ चुकी होती। Congress ने पुरानी सरकारों का उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्रियों ने कभी किसी महाशक्ति के आगे घुटने नहीं टेके थे।
नेहरू, इंदिरा और मनमोहन सिंह के दौर की याद
इतिहास का जिक्र करते हुए Congress ने वर्तमान सरकार की तुलना पूर्ववर्ती सरकारों से की है। इंदिरा गांधी ने अमेरिकी धमकियों की परवाह न करते हुए पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे, जबकि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े के अपमान का करारा जवाब अमेरिकी दूतावास की सुरक्षा हटाकर दिया गया था। Congress के मुताबिक, आज की सरकार पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर चुकी है।
विदेश मंत्रालय की लाचारी और अमेरिका की धमकी
इस कायरतापूर्ण रवैये की हद तब पार हो गई जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बेहद दबी जुबान में अमेरिकी अधिकारी को तलब किया। इसके तुरंत बाद अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने भारत को खुलेआम धमकी दे दी कि भविष्य में उनकी बात न मानने पर अंजाम बुरा होगा। इस खुले अपमान के बाद भी मोदी सरकार की तरफ से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई, जिसके बाद Congress ने आगामी भारत-अमेरिका व्यापारिक वार्ताओं का पूरी तरह बहिष्कार करने की मांग की है।
समंदर में लगातार हमले और Congress का अल्टीमेटम
समुद्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। आंकड़ों के अनुसार, पहले 8 जून को ‘एमटी मैरीवेक्स’ पर हमला हुआ, फिर 10 जून को ‘एमटी सेट्टेबेलो’ को निशाना बनाया गया और 11 जून को ‘एमटी जलवीर’ पर हमला हुआ। इसके बावजूद केंद्र सरकार कोई कड़ा फैसला लेने में नाकाम रही है। इसी के मद्देनजर Congress ने इस ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ सरकार को सत्ता से हटाने के लिए देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत कर दी है।
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