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Manipur Violence: मणिपुर के हालत सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. बीते करीब एक साल से मणिपुर जल रहा है. अब एक बार फिर मणिपुर के बिष्णुपुर जिले से दुखद खबर आ रही है. दरअसल, यहां संदिग्ध कुकी चरमपंथियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कैंप पर हमला कर दिया, जिसमें दो जवानों की मौत हो गई है. साथ ही दो जवान गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं.

हमले के पीछे हो सकते हैं कुकी चरमपंथी

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला मोइरांग थाना क्षेत्र के मैतेई बहुल नारायणसेना गांव में शनिवार तड़के क़रीब 1 बजे के आसपास किया गया. हमले में मारे गए जवान नारायणसेना इलाके़ में तैनात सीआरपीएफ की 128वीं बटालियन के बताए गए हैं.

पुलिस ने की हमले की पुष्टि

बिष्णुपुर जिले के पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के हवाले से बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हमले की पुष्टि पुलिस ने कर दी है. पुलिस अधिकारी के अनुसार, हमले की यह घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब 12:45 बजे की है. संदिग्ध चरमपंथियों ने पहाड़ की चोटियों से नारायणसेना गांव में अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. ऐसी जानकारी है कि बम भी फेंके गए हैं क्योंकि उन्हें पता था कि वहां सीआरपीएफ़ का एक शिविर भी है.

हमले के दौरान एक बम सीआरपीएफ़ की 128वीं बटालियन की चौकी में फट गया जिसमें दो जवानों की मौत हो गई और दो घायल हो गए. पुलिस ने मारे गए सीआरपीएफ़ जवानों की पहचान सब-इंस्पेक्टर एन सरकार और हेड कांस्टेबल अरूप सैनी के रूप में की है. इससे पहले 24 अप्रैल को राष्ट्रीय राजमार्ग -2 (इंफाल से दीमापुर) पर एक आईईडी विस्फोट हुआ था जिसमें एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया था.

मणिपुर में पिछले साल मई से मैतेई और कुकी जनजाति के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा में अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं जबकि 50 हज़ार से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं.

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