June 19, 2024
Electoral Bonds

Electoral Bonds: BJP ने दलित किसान को भी नहीं छोड़ा, ठगी कर वसूला 10 करोड़ का चंदा

Share this news :

Electoral Bonds: इलेक्टोरल बांड को लेकर नए नए खुलासे हो रहे हैं, जिससे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं. अब इलेक्टोरल बांड से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. दरअसल, 11 अक्टूबर 2023 को गुजरात के कच्छ जिले के अंजार शहर के एक दलित परिवार के छह सदस्यों के नाम पर 11 करोड़ 14 हजार रुपये के इलेक्टोरल बांड खरीदे गए. बॉन्ड का यह चंदा बीजेपी और शिवसेना को गया. अब दलित परिवार ने आरोप लगाया है कि उनसे धोखे से यह बॉन्ड खरीदवाए गए.

चुनाव आयोग के डेटा से आया सच सामने

इलेक्टोरल बांड को लेकर चुनाव आयोग ने जो डेटा जारी किया है उसके अनुसार, 11 करोड़ 14 हजार रुपये के इलेक्टोरल बांड में से 10 करोड़ रुपये के बॉन्ड 16 अक्टूबर 2023 को बीजेपी (BJP) और 1 करोड़ 14 हजार रुपये के बॉन्ड 18 अक्टूबर 2023 को शिवसेना (Shivsena) ने रीडीम किए थे. ‘द क्विंट’ की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात के इस दलित परिवार ने दावा किया है कि अडानी समूह से जुड़ी कंपनी वेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के एक अधिकारी ने उन्हें ये चुनावी बॉन्ड ‘धोखे’ से खरीदवाया था.

दरअसल, 2005 में अडानी समूह ने वेलस्पन नेचुरल रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ अडानी वेलस्पन एक्सप्लोरेशन लिमिटेड (AWEL) नाम से एक जॉइंट वेंचर शुरू किया. अडानी समूह के एक प्रेस नोट के अनुसार, AWEL में अडानी समूह की 65 फीसदी और वेलस्पन समूह की 35 फिसदी हिस्सेदारी है.

लालच देकर किया धोखाधड़ी

क्विंट से बातचीत में 41 साल के हरेश सावकारा ने बताया, “वेलस्पन ने एक परियोजना के लिए अंजार में हमारी लगभग 43,000 वर्ग मीटर कृषि भूमि का अधिग्रहण किया था, और यह पैसा हमें कानून के अनुसार दिए गए मुआवजे का हिस्सा था. लेकिन यह पैसा जमा करते समय सीनीयर जनरल मैनेजर महेंद्र सिंह सोढ़ा ने कहा इतनी बड़ी रकम से आयकर विभाग को लेकर परेशानी हो सकती है. फिर उन्होंने हमें चुनावी बॉन्ड (Electoral Bonds) योजना के बारे में बताया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि ये स्कीम हमें कुछ सालों में 1.5 गुना पैसा देगी. हम अनपढ़ लोग हैं. हमें नहीं पता था कि ये योजना क्या है, लेकिन उस समय उनकी सारी बातें बहुत विश्वसनीय लग रही थी.”

नहीं हुई एफआईआर दर्ज

सावकारा का आरोप है कि उसे धोखे से इलेक्टोरल बांड (Electoral Bonds) खरीदवाए गए. इस संबंध में सावकारा ने 18 मार्च 2024 को अंजार पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई थी. हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है. जांच अधिकारी शैलेंद्र सिसोदिया का कहना है कि एक बार जांच पूरी हो जाए, तब अगर मामला एफआईआर के लायक हुआ तो हम एफआईआर दर्ज करेंगे.

ठगी में भाजपा अध्यक्ष हेमंत रजनीकांत भी शामिल

परिवार द्वारा दी गआ शिकायत में कहा गया है कि 1 अक्टूबर 2023 और 8 अक्टूबर 2023 के बीच अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल रहे महेंद्र सिंह सोढ़ा ने कंपनी के परिसर में वेलस्पन के गेस्ट हाउस में सावकारा और उनके बेटे हरेश के साथ चार बैठकें की और शानदार रिटर्न का हवाला देते हुए उन्हें पैसे निवेश करने के लिए राजी किया. सावकारा ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि भाजपा अंजार शहर अध्यक्ष हेमंत रजनीकांत शाह भी इन बैठकों का हिस्सा थे. हालांकि, द क्विंट से बात करते हुए शाह ने दावा किया कि उन्हें न तो इन बैठकों की जानकारी है और न ही मामले की. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि यह मामला क्या है.’


Also Read-

Lok Sabha Election: पहले चरण में 16% उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले, इनमें हत्या और बलात्कार तक शामिल

मोदी सरकार ने 62 % नए सैनिक स्कूलों को RSS और BJP नेताओं को सौंपा: रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *