Paper Leak
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Paper Leak Issue: NEET का पेपर लीक हो गया है और परीक्षा रद्द कर दी गई है। इस बार 22 लाख छात्रों ने NEET का इम्तिहान दिया था। बच्चे दिन-रात मेहनत करके पढ़े, माँ-बाप ने कोचिंग कराई, इम्तिहान देने गए और खर्चा वहन किया। और ये सब करने के बाद पता चला कि पेपर लीक हो चुका है और परीक्षा कैंसल हो गई है। यानी उनकी सारी मेहनत मिट्टी में मिल गई। उनके भविष्य पर होल्ड लग गया है।
पहली बार नहीं हुआ Paper Leak
हालांकि ये पहली बार नहीं है और न ही आखिरी बार है, जब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। मोदी सरकार के राज में हर दूसरे महीने पेपर लीक (Paper Leak) की खबरें आम हो गई हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 10 सालों में करीब 89 पेपर लीक हुए हैं, जिससे साढ़े 6 करोड़ से ज्यादा बच्चे प्रभावित हुए हैं।
2024 का सबसे बुरा साल
अकेले 2024 में तीन बड़ी परीक्षाएं रद्द हुईं- NEET-UG 2024, UGC-NET 2024 और NEET-PG 2024। सबमें पेपर लीक (Paper Leak) ही सबसे बड़ी समस्या थी, जिसकी वजह से बच्चों की मेहनत पर पानी फिर गया। NEET-UG 2024 तो भारत के इतिहास की सबसे विवादास्पद परीक्षाओं में से एक बन गई। बिहार में पेपर लीक होने के ठोस सबूत मिले। CBI जांच में पाया गया कि परीक्षा से पहले पेपर का फोटो खींचकर कुछ छात्रों तक पहुंचाया गया था।
इतना ही नहीं, NTA ने 1,563 छात्रों को बिना ठोस कारण अतिरिक्त अंक यानी ग्रेस मार्क्स दे दिए। जिसकी वजह से 67 छात्र पूर्णांक (720/720 नंबर) पाकर AIR-1 पर आ गए। कई छात्र एक ही परीक्षा केंद्र से टॉप पर आए, जिससे संदेह और बढ़ गया। बाद में सुप्रीम कोर्ट के दबाव में NTA को ये ग्रेस मार्क्स रद्द करने पड़े।
बड़े पैमाने पर हुआ था आंदोलन
उस वक्त पूरे देश में छात्रों का बड़े पैमाने पर आंदोलन हुआ। दिल्ली, पटना, लखनऊ, कोलकाता, जयपुर आदि शहरों में जोरदार प्रदर्शन हुए। सोशल मीडिया पर #NEETScam और #JusticeForNEETStudents जैसे हैशटैग ट्रेंड किए।NEET-PG का भी बवालफिर जब NEET-PG 2024 की परीक्षा की बारी आई तो परीक्षा के एक दिन पहले ही उसे रद्द कर दिया गया।
बीजेपी शासित राज्यों में सबसे ज्यादा लीक
राज्यों के आधार पर बात करें तो खासकर बीजेपी शासित राज्यों में सबसे ज्यादा पेपर लीक (Paper Leak) होते हैं।
बिहार-
मई 2022 में BPSC 67वीं PT परीक्षा का पेपर लीक हो गया। परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही पेपर लीक हो गया था। सोशल मीडिया, खासकर WhatsApp और Telegram पर पेपर वायरल हो गया। जिसके बाद BPSC ने उसी दिन परीक्षा रद्द कर दी।
फिर अक्टूबर 2023 में बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ। इस बार परीक्षा के पहले दिन ही पेपर लीक होने के आरोप लगे। जिसके बाद CSBC यानी Central Selection Board of Constables ने परीक्षा रद्द कर दी। बाद में बाकी शिफ्ट की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं।
मार्च 2024 में BPSC शिक्षक भर्ती (TRE-3) का पेपर लीक हो गया। जिसके बाद BPSC ने पूरी परीक्षा ही रद्द कर दी। कुल मिलाकर बिहार में पिछले 4-5 सालों में लगभग 8-10 बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। इन लीक के कारण करोड़ों छात्रों का साल बर्बाद हुआ है।
उत्तर प्रदेश
वहीं, योगी का उत्तर प्रदेश पेपर लीक के मामलों में देश के सबसे प्रभावित राज्यों में शामिल है। पिछले 5 सालों में कम से कम 12-15 बड़े पेपर लीक हुए हैं, जिनमें कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। फरवरी 2024 में RO/ARO 2023 का पेपर लीक हो गया। परीक्षा से एक दिन पहले पेपर वायरल हो गया था। जिससे करीब 6 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए थे। आखिर में UPPSC ने आधिकारिक रूप से परीक्षा ही रद्द कर दी।
फरवरी 2024 में ही UP Police Constable 2024 की परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ। 48 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए और आखिरकार परीक्षा रद्द कर दी गई। नवंबर 2021 में UPTET 2021 का भी पेपर लीक हुआ, जिसके बाद परीक्षा रद्द की गई।
अन्य राज्य-
सितंबर 2025 में उत्तराखंड में भी पेपर लीक (Paper Leak) को लेकर जमकर बवाल हुआ था। युवा सड़कों पर उतरे और नारेबाजी की। नारा वही था – “पेपर चोर गद्दी छोड़”। ये नारा पूरे उत्तराखंड में गूंजा। दरअसल सितंबर में UKSSSC की ग्रेजुएट लेवल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। सोशल मीडिया पर तीन पेज घूम रहे थे, जो एग्जाम सेंटर से ही क्लिक होकर वायरल हुए थे।
इसकी वजह से युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा था। क्योंकि ये पहला पेपर लीक नहीं था। इसके पहले पिछले 4 सालों में 6 बड़े पेपर लीक हो चुके थे- VDO, फॉरेस्ट गार्ड, पटवारी आदि।इसी तरह मध्य प्रदेश में 2023 में MPPSC की परीक्षा लीक हुई। एक लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए। भोपाल में प्रदर्शन हुए और CBI जांच की मांग की गई, लेकिन फायदा कुछ नहीं हुआ।
बीजेपी शासित राज्यों में हाईस्कूल के पेपर भी होते हैं लीक
सिर्फ यही नहीं, बीजेपी शासित राज्यों में तो हाईस्कूल के पेपर भी लीक (Paper Leak) हो जाते हैं। मार्च 2025 में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और मणिपुर में बोर्ड परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे। उत्तर प्रदेश में मैथ का पेपर लीक हुआ। हरियाणा में मैथ और इंग्लिश दोनों का पेपर लीक हो गया। महाराष्ट्र में मराठी और मणिपुर में सोशल साइंस का पेपर लीक होने से बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी। इन पेपर लीक्स से करीब 75 लाख स्टूडेंट्स प्रभावित हुए थे।
हकीकत ये है कि बच्चे परीक्षा के लिए खूब मेहनत करते हैं, और फिर पेपर लीक (Paper Leak) हो जाता है। वहीं केंद्र में बैठी सरकार इसे बहुत हल्के में लेती है। सच ये है कि सत्ता में बैठे लोग ही पेपर लीक में शामिल हैं। इसीलिए उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है और पेपर लीक का सिलसिला चलता रहता है।
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