Rahul Gandhi
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Rahul Gandhi is real Chanakya: आज राजनीति में अगर किसी को असली चाणक्य कहा जा सकता है, तो वो हैं राहुल गांधी। जो लोग सोचते थे कि कांग्रेस खत्म हो गई, क्षेत्रीय दल उसे हमेशा के लिए कुचल देंगे, उन्हें अब अपनी गलती समझ आ रही है। राहुल गांधी ने चुपचाप, बिना शोर मचाए, चुन चुनकर सबका हिसाब चुकता कर दिया है।
पिछले कुछ सालों में क्या कुछ हुआ?
देखिए क्या कुछ हुआ है पिछले कुछ सालों में। बिहार में आरजेडी बुरी तरह कमजोर हो गई है। लालू परिवार को आज बिहार में कोई पूछ तक नहीं रहा। पश्चिम बंगाल में टीएमसी सत्ता से बाहर हो गई। ममता बनर्जी, जो खुद को विपक्ष का सबसे बड़ा नेता मानती थीं, वो आज अपनी ही सीट हार चुकी हैं। तमिलनाडु में डीएमके को करारी हार मिली। दिल्ली में आप की सरकार चली गई। पार्टी के कई बड़े नेता बीजेपी में शामिल हो गए। महाराष्ट्र में एनसीपी दो टुकड़ों में बंट गई। और उत्तर प्रदेश में सपा दो दो बार चुनाव हार गई।
Rahul Gandhi ने चुन-चुन कर लिया बदला
ये वही क्षेत्रीय दल थे जिन्होंने 1990 के दशक से लेकर 2014 तक कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया था। उत्तर भारत में जब कांग्रेस का जलजला था, तब सपा और आरजेडी ने उसे जड़ से कमजोर किया। दक्षिण में भी डीएमके और एआईएडीएमके ने कांग्रेस को सिमटने में बड़ी भूमिका निभाई। लेकिन अब समय पलट गया है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बिना किसी हल्ले के, लंबी रणनीति के साथ इन सभी दलों को कमजोर कर दिया।
आज कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी
आज कांग्रेस गठबंधन में न सिर्फ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, बल्कि विपक्ष की सबसे मजबूत ताकत भी बन गई है। ये कोई संयोग नहीं है। ये राहुल गांधी की चाणक्य नीति है। वे जानते थे कि क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन करते रहने से कांग्रेस कभी मजबूत नहीं हो पाएगी। इसलिए उन्होंने (Rahul Gandhi) रणनीति बदली। उन्होंने कांग्रेस को फिर से जमीनी स्तर पर खड़ा करने का फैसला किया। और अब ये काम तेजी से हो रहा है।
हरियाणा में चल रही यात्रा
हरियाणा में चल रही सद्भावना यात्रा इसका सबसे ताजा उदाहरण है। ये यात्रा 5 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी और अब भी जारी है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) खुद इसमें शामिल हुए और हरियाणा की जनता से सीधा संवाद किया। राहुल ने साफ कहा कि नरेंद्र मोदी चाहे जितनी बार चुनाव चोरी कर लें, लेकिन अंत में जनता का गुस्सा उन्हें बर्दाश्त नहीं होगा।
उन्होंने आगे और भी बड़ा बयान दिया। कहा कि इस देश में सिर्फ दो विचारधाराएं हैं। एक आरएसएस की, जो नफरत और बंटवारे की राजनीति करती है। दूसरी कांग्रेस की, जो मोहब्बत और एकता की राजनीति करती है। अंत में सिर्फ कांग्रेस ही आरएसएस और बीजेपी का मुकाबला कर पाएगी।
कांग्रेस फिर हो रही मजबूत
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के इन भाषणों से एक बात तो साफ हो गई है। वे कांग्रेस को फिर से उस पुरानी ताकत के साथ खड़ा कर रहे हैं, जो 2014 से पहले हुआ करती थी। कांग्रेस अब गांव गांव, ब्लॉक ब्लॉक में वापस जा रही है। युवा नेता पूरे देश में यात्राएं निकाल रहे हैं। पार्टी जमीनी स्तर पर फिर से संगठन मजबूत कर रही है। और ये सब कुछ करने वाले राहुल गांधी हैं।
आज बीजेपी भी ये बात अच्छी तरह समझ चुकी है कि राहुल हार मानने वालों में से नहीं हैं। उन्हें हराने के लिए, उन्हें रोकने के लिए बीजेपी ने क्या कुछ नहीं किया। राहुल गांधी को बदनाम किया गया। उनके भाषणों का काट छांटकर वायरल कराया गया। उन्हें लेकर फेक खबरें चलवाई गईं।
लेकिन बावजूद इस सबके, राहुल (Rahul Gandhi) ने कभी हार नहीं मानी। वो लगातार लड़ते रहे। उन्होंने अपनी लड़ाई नहीं छोड़ी। उन्होंने कांग्रेस को नया रूप दिया, नई सोच दी और सबसे महत्वपूर्ण, नई रणनीति दी। जो क्षेत्रीय दल कभी कांग्रेस को सबक सिखाने की बातें करते थे, आज वही दल कमजोर हो रहे हैं और कांग्रेस मजबूत हो रही है। यही असली चाणक्य नीति है।
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