Bhagwant Mann

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Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार इस वक्त अपने सबसे बड़े धार्मिक और राजनीतिक संकट से घिर गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री पर मर्यादाओं को तार-तार करने और सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री को ऐसी सजा सुनाई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जो नेता कल तक खुद को कट्टर ईमानदार और पंजाब का हमदर्द बताते थे, आज वे बैकफुट पर हैं। अकाल तख्त के इस कड़े फैसले के बाद पंजाब की राजनीति में एक नया उबाल आ गया है।

पवित्र तस्वीरों के अपमान का पूरा मामला

यह पूरा विवाद पिछले साल अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हुआ। इस वीडियो में मुख्यमंत्री Bhagwant Mann हाथ में शराब का गिलास लिए सिख गुरुओं की पवित्र तस्वीरों के सामने खड़े दिखाई दे रहे थे। उन पर आरोप लगा कि उन्होंने शराब की बूंदें उन पावन तस्वीरों पर छिड़ककर सिखों की आस्था पर सीधा और गहरा प्रहार किया। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे पंजाब के सिख समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया था और विपक्ष ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी थी।

जांच रिपोर्ट ने खोली झूठ की पोल

जब जनवरी 2026 में अकाल तख्त ने Bhagwant Mann को समन भेजकर तलब किया, तो उन्होंने स्वर्ण मंदिर पहुंचकर खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया था। उन्होंने दावा किया था कि यह वीडियो फर्जी और एआई-जनरेटेड डीपफेक है, जो उनकी छवि खराब करने की साजिश है। मुख्यमंत्री ने बकायदा चुनौती देते हुए इसकी फोरेंसिक जांच कराने की बात कही थी।

लेकिन अब जून 2026 में जब दो-दो सरकारी फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट सामने आई, तो Bhagwant Mann के दावों की हवा निकल गई। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने साफ कर दिया कि वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है और वह बिल्कुल असली है।

‘गुरु दोखी’ घोषित होने के मायने

फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद अकाल तख्त ने सोमवार को ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया। अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित कर दिया है। किसी भी सिख के लिए यह सबसे बड़ा सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार माना जाता है। इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता अब भी बचाव की मुद्रा में हैं और नया राग अलाप रहे हैं कि वीडियो में दिखने वाला शख्स Bhagwant Mann ही हैं, यह कैसे साबित होगा। पार्टी की इस दलील को विपक्ष बेहद शर्मनाक बता रहा है।

चन्नी का तीखा प्रहार और ‘आप’ की मुश्किलें

विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और ऐसे नाजुक वक्त में इस विवाद ने आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस पूरे सियासी भूचाल के बीच पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने बरनाला में मीडिया के सामने आकर सरकार को जमकर घेरा। चन्नी ने सीधे तौर पर कहा कि Bhagwant Mann को सिख परंपराओं, सिख इतिहास और सिख संस्थाओं के प्रति रत्ती भर भी सम्मान नहीं है। चन्नी के इस तीखे प्रहार ने पंजाब की सियासत में ‘आप’ सरकार की बची-कुची साख को भी दांव पर लगा दिया है।

29 जून को पूरी कैबिनेट की पेशी

अकाल तख्त का यह एक्शन सिर्फ मुख्यमंत्री तक सीमित नहीं रहने वाला है। संस्था ने अब पंजाब के सभी सिख विधायकों और पूरी कैबिनेट को भी 29 जून को तलब कर लिया है, जिससे साफ है कि आने वाले दिन Bhagwant Mann और आम आदमी पार्टी के लिए बेहद मुश्किल साबित होने वाले हैं। चुनावी दंगल से ठीक पहले धर्म और आस्था से खिलवाड़ का यह मुद्दा पंजाब के राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है। Bhagwant Mann की इस गलती के कारण अब पंजाब में झाड़ू का सूपड़ा साफ होने की अटकलें तेज़ हो गई हैं।


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