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Bollywood से लेकर अयोध्या तक आजकल ज्ञान का एक अनोखा मोतियाबिंद देखने को मिल रहा है। सनातन के ठेकेदार बने घूम रहे कुछ प्रोपेगंडा पुरुषों को आजकल ऐसा चश्मा चढ़ा है कि इतिहास और पुराण सब व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के सिलेबस से पढ़े जा रहे हैं। तभी तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को त्रेता युग से उठाकर सीधे द्वापर युग में लैंड करा दिया गया।

असल में यह गलती इन बड़े-बड़े अभिनेताओं की नहीं है, बल्कि उस अंधभक्ति की है जिसमें डूबकर इनका विवेक और सामान्य ज्ञान दोनों ही घुटने टेक चुके हैं।

चंदा चोरी पर बचाव और अनुपम खेर का ब्लंडर

हम बात कर रहे हैं Bollywood के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की, जिनकी एक्टिंग की तारीफ तो पूरी दुनिया करती है, लेकिन असल जिंदगी में उनकी समझ इतनी कमजोर निकलेगी, इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। आए दिन कैमरे के सामने कुछ भी बोल देना और फिर सोशल मीडिया पर फजीहत कराना इनका नया शौक बन चुका है।

दरअसल अनुपम खेर अपनी आने वाली फिल्म ‘श्री रामभूमि’ के सिलसिले में अयोध्या पहुंचे थे। वहां जब पत्रकारों ने उनसे राम मंदिर में करोड़ों की चंदा चोरी और घोटालों को लेकर सवाल किया, तो सरकार का बचाव करने के चक्कर में वह ऐसा रायता फैला बैठे जिसकी बदबू अब पूरे इंटरनेट पर आ रही है।

मर्यादा पुरुषोत्तम को द्वापर युग का बता गए खेर साहब

खेर साहब ने पत्रकारों से कहा कि जब घर में चोरी होती है तो घर पर लांछन नहीं लगाते, बल्कि चोर पर लगाते हैं। चलो, यहां तक तो चापलूसी की हद ठीक थी, लेकिन इसके आगे जो उन्होंने ज्ञान दिया, उसे सुनकर तो साक्षात ब्रह्मा जी भी अपना सिर पकड़ लें। अनुपम खेर बोल गए कि सनातन और प्रभु श्री राम तो द्वापर से ही हैं। बस, यही वह टर्निंग पॉइंट था जहां उनका ज्ञान बेनकाब हो गया और सोशल मीडिया पर जनता ने उनकी ऐसी धुलाई की कि वह कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहे।

मनमोहन सरकार में ट्वीट और अब घोटालों पर चुप्पी

वैसे अनुपम खेर साहब की यह हालत इसलिए है क्योंकि वह बीजेपी आईटी सेल के रिसर्च को ही परम सत्य मान बैठे हैं। देश की बदहाली, महंगाई और बेरोजगारी से इस Bollywood अभिनेता को कोई सरोकार नहीं है। लेकिन यह वही अनुपम खेर हैं जो मनमोहन सिंह की सरकार के वक्त हर छोटी-मोटी घटना पर सीधे प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगते थे और ट्वीट पर ट्वीट दागते थे। आज जब मोदी सरकार के नाक के नीचे घोटाले हो रहे हैं, तो ये ज्ञान बांटने और बचाव करने अयोध्या तक दौड़ आते हैं।

अक्षय कुमार का विदेशी पासपोर्ट और मोदी चालीसा वाला दावा

खैर, Bollywood में अंधभक्ति की यह बीमारी सिर्फ अनुपम खेर तक सीमित नहीं है, इस रेस में कई और भी सूरमा हैं जो एक-दूसरे को पछाड़ने में लगे हैं। और नहीं तो क्या, मोदी जी से कभी यह सवाल करने वाले कि ‘आप आम चूसकर खाते हैं या काटकर’, यानी अक्षय कुमार भी पीछे नहीं हैं।

इस Bollywood स्टार ने अब यह दावा ठोक दिया है कि जब वह विदेश जाते हैं और अपना भारत का पासपोर्ट दिखाते हैं, तो वहां के इमिग्रेशन ऑफिसर कहते हैं कि ‘ओह, आप मोदी जी के देश से आए हैं’। मतलब इन्हें लगता है कि विदेशी गोरे भी इनकी तरह ही सुबह-शाम मोदी चालीसा पढ़ते हैं, जबकि कड़वी हकीकत यह है कि आज भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग दुनिया में लगातार लुढ़क रही है और नामीबिया व उज्बेकिस्तान जैसे देश भी हमसे आगे निकल चुके हैं।

सुनील शेट्टी और 15 महीने की पोती का ‘चमत्कार’

इसी होड़ में अब Bollywood के अन्ना यानी सुनील शेट्टी भी कूद पड़े हैं। अन्ना को लगा कि डूबते करियर को सहारा देने के लिए शायद मोदी जी की अंधभक्ति ही एकमात्र रास्ता है, तो उन्होंने भी इसे शुरू कर दिया। इस Bollywood एक्टर ने एक इंटरव्यू में दावा कर दिया कि उनकी 15 महीने की पोती हर सुबह पीएम मोदी की तस्वीर को लड्डू का भोग लगाती है और उन्हें भगवान समझकर मोदी-मोदी करती है।

मजे की बात देखिए, अन्ना कहते हैं कि उन्होंने बच्ची को यह सब सिखाया नहीं है, बल्कि यह तो एक चमत्कार है। इस सफेद झूठ को सुनकर तो खुद मोदी जी भी हंस रहे होंगे, लेकिन क्या करें, अब Bollywood में बैठे लोग चमचागिरी के चक्कर में ऐसे ही हो चुके हैं।


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