Bengal Rape Case
Bengal Rape Case: बंगाल में भाजपा को चुनाव जीते कितना वक्त हुआ। भाजपा ने वादा किया था कि सरकार बनने के बाद महिलाओं की सुरक्षा पर काम करेंगे। बंगाल की बेटियों के साथ वो नहीं होगा, आरजी कर मेडिकल कॉलेज की ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुआ। साथ ही ये भी वादा किया था कि सरकार बनते ही एक हफ्ते के भीतर आरजीकर के दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देंगे और पीड़ित मां को न्याय दिलाएंगे। उस पीड़ित मां के नाम पर भाजपा ने जमकर वोट भी बटोरा। लेकिन आज देखिए बंगाल में क्या हो रहा है।
आज भाजपा की बंगाल में सरकार बने 2 महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज तक आरजीकर पीड़ित को न्याय नहीं मिला। वो मां आज तक न्याय के लिए भटक रही है। जिसके नाम पर भाजपा ने वोट बटोरे। जिसके नाम पर सत्ता में आई। इतना ही नहीं, इस 2 महीने के भीतर ही एक और रेप का भयंकर मामला (Bengal Rape Case) भी सामने आ गया है।
एक और रेप और हत्या का मामला (Bengal Rape Case)
दरअसल कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके के बारुईपुर क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई। लड़की के परिवार ने बताया कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार हुआ है फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई है। लेकिन बंगाल पुलिस ने शुरुआत में इन आरोपों के बावजूद रेप का मामला दर्ज नहीं किया। जब शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई और जब परिवार के लोगों ने विरोध जताना शुरू किया, तब जाकर पुलिस ने पॉक्सो की धाराओं के तहत रेप का मामला (Bengal Rape Case) दर्ज किया है।
क्या बोले मृतका के परिजन?
परिजनों का कहना है कि लड़की शनिवार से लापता थी। रविवार 5 जुलाई को जब उसका शव एक तालाब से बरामद हुआ तो इलाके में तनाव बढ़ गया। इस घटना के बाद भीड़ ने हत्या के शक में एक युवक की भी पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं इस बीच टीएमसी ने ये दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बारुईपुर जाना चाहती थीं लेकिन उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। जिसे बाद में भाजपा ने खारिज कर दिया। भाजपा का कहना है कि टीएमसी के ये आरोप गलत हैं। मतलब एक बेटी की रेप के बाद हत्या (Bengal Rape Case) हो चुकी है, और बंगाल में राजनीति रुकने का नाम नहीं ले रही है।
बीजेपी नेता ने की आरोपी को बचाने की कोशिश
इस बीच सबसे घटिया बात जानते हैं क्या है? इस पूरे मामले में एक स्थानीय भाजपा नेता ने अपराधी को बचाने की कोशिश की है। जी हां, रेप के आरोपी को बचाने की कोशिश हुई है। दरअसल एक स्थानीय निवासी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि मग़रिब की नमाज़ के बाद लड़की एक दोस्त का जन्मदिन मनाने गई थी। लेकिन 8 बजे के बाद उसका कोई पता नहीं चला। लड़की के परिवार ने रात करीब 8.30 बजे पुलिस स्टेशन से संपर्क किया, लेकिन पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी।
अगले दिन सुबह स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी फुटेज देखकर खुद ही अभियुक्तों को पकड़ लिया। इसके बाद अभियुक्त ने पुलिस स्टेशन में अपराध स्वीकार भी कर लिया। स्थानीय लोगों ने उस अभियुक्त को साथ ले जाकर मौके से लड़की का शव बरामद किया। लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी बीच स्थानीय भाजपा नेता शांतनु मंडल ने अभियुक्त को भागने में मदद की।
2 आरोपी गिरफ्तार, 3 हिरासत में
फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य को हिरासत में लिया है। घटना के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा चरम पर है। जगह जगह हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। हालात देखते हुए बंगाल पुलिस ने इलाके में धारा 163 लागू कर दी है। इसके अलावा मामले की जांच के लिए 6 सदस्यों वाले एक विशेष जांच दल सिटी का गठन भी किया गया है। अब देखना होगा, जो भाजपा, जिस रेप विक्टिम के नाम पर सत्ता में आई, उसे दो महीने बाद भी न्याय न दिला सकी। वो भाजपा बंगाल की इस 12 साल की बेटी को कब तक न्याय दिलाती है।
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