Rahul Gandhi
Rahul Gandhi: बीजेपी के नेता राहुल गांधी को लेकर अक्सर एक ही तंज कसते हैं। हर बात पर उनका रिएक्शन लगभग एक जैसा होता है। वो कहते हैं कि राहुल गांधी विदेशों में पढ़े हैं, इसलिए उन्हें भारतीय संस्कृति अच्छी तरह समझ नहीं आती। उनका पालन-पोषण विदेशी तौर-तरीकों से हुआ है, इसलिए भारत की परंपरा और संस्कृति की समझ कम है। अभी दो दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी यही बात दोहरा रहे थे। उन्होंने तो राहुल गांधी को राहुल मियां कहकर संबोधित तक कर दिया। खैर, नाम बिगाड़ने की बात अलग है। असल मुद्दा ये है कि क्या विदेश में पढ़ लेने से किसी की भारतीयता कम हो जाती है?
BJP के दावे में कितनी सच्चाई?
अगर बीजेपी का ये दावा सही है, तो फिर आधे से ज्यादा बीजेपी नेताओं के बच्चों को भी भारतीय नहीं कहा जा सकेगा। क्योंकि आधे से ज्यादा भाजपा नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़े हैं या पढ़ चुके हैं। आप इनकी संख्या देखकर चौंक जाएंगे।. देखिए,,, विदेश में पढ़ाई करना कोई अपराध नहीं है। अच्छी शिक्षा के लिए दुनिया भर के छात्र बाहर जाते हैं। लेकिन फिर दूसरों पर तंज कसने का अधिकार किसे है? जब अपनी पार्टी के नेता अपने बच्चों को विदेश भेजते हैं तो चुप्पी साध लेते हैं। और जब राहुल गांधी की बात आती है तो विदेशी संस्कृति का ठप्पा लगा देते हैं। ये दोहरा रवैया कैसे चलेगा?
इन नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़े
अब गिनवाते हैं किन-किन बीजेपी नेताओं के बच्चे विदेश में पढ़े हैं। निर्मला सीतारमण की बेटी पराकला वांग्मयी लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ी हैं। पियूष गोयल के बेटा ध्रुव और बेटी राधिका हार्वर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका से पढ़े। राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह ने लीड्स यूनिवर्सिटी यूके से एमबीए किया। शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान ने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया अमेरिका से एलएलएम किया। एस जयशंकर के बेटे ध्रुव जयशंकर जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी अमेरिका से पढ़े।
धर्मेंद्र प्रधान की बेटी नैमिषा प्रधान टफ्ट्स यूनिवर्सिटी अमेरिका से पढ़ीं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया ने येल यूनिवर्सिटी अमेरिका से एमबीए किया। हरदीप सिंह पुरी की बेटी तिलोत्तमा पुरी वारविक यूनिवर्सिटी यूके से पढ़ीं। स्मृति इरानी की सौतेली बेटी शेनेल इरानी ने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी अमेरिका से एलएलएम किया। जगदीप धनखड़ की बेटी कामना धनखड़ ने व्हार्टन स्कूल अमेरिका से एमबीए किया।
विदेशों में लंबे समय तक रहे ये लोग
ये सिर्फ कुछ नाम हैं। लिस्ट और भी लंबी है। कई बच्चों ने तो न सिर्फ पढ़ाई की, बल्कि कुछ समय तक विदेश में रहकर काम भी किया या वहीं के प्रोफेशनल सर्कल में जुड़े रहे… कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कई बच्चे विदेश में ही लंबे समय तक रहे। लेकिन जब इनकी बात आती है तो कोई विदेशी संस्कृति का आरोप नहीं लगाता। कोई भारतीयता पर सवाल नहीं उठाता.. Rahul Gandhi ने सेंट स्टीफेंस कॉलेज दिल्ली में भी पढ़ाई की। विदेश में भी पढ़े। लेकिन क्या सिर्फ इसलिए उनकी भारतीयता कम हो गई?
अगर बीजेपी ये मानती है तो फिर अपनी पार्टी के नेताओं के बच्चों पर भी यही लागू होना चाहिए। नहीं तो ये दोहरा मापदंड ही कहलाएगा… आज बीजेपी के नेता मुद्दों पर बात करने के बजाय नाम बिगाड़ने और संस्कृति का ठप्पा लगाने में लगे रहते हैं। जबकि असल सवाल शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और अवसरों पर होना चाहिए। अच्छी शिक्षा कहीं भी हो, बुरी नहीं कही जा सकती। लेकिन दूसरों पर आरोप लगाने से पहले आईना देखना चाहिए… और सबसे बड़ी बात… भारतीयता पढ़ाई की जगह से नहीं तय होती। वो सोच, काम और देश के प्रति समर्पण से तय होती है। बीजेपी अगर सच में संस्कृति की चिंता करती है तो पहले अपनी पार्टी के अंदर देखे। Rahul Gandhi पर तंज कसने से पहले अपने नेताओं के बच्चों की लिस्ट निकालकर देखे.. उन्हें समझ आ जाएगा, कौन कितना बड़ा भारतीय है..
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