Champat Rai

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अयोध्या के भव्य राम मंदिर से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर आ रही है, जिसने देश के करोड़ों रामभक्तों के पैरों तले जमीन खिसका दी है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai, जिन पर राम मंदिर की व्यवस्था का सबसे बड़ा जिम्मा था, अब ऐसी कानूनी और सियासी मुश्किलों में फंस चुके हैं जहां से उनका निकलना नामुमकिन लग रहा है।

रामलला के दरबार में आस्था के नाम पर जो महालूट चल रही थी, उसकी सबसे खौफनाक परत अब खुल चुकी है। इस बड़े पाप के तार सीधे Champat Rai के सबसे वफादार और खास सिपहसालारों से जुड़ रहे हैं।

चहेते टिन्नू के घर छापेमारी और करोड़ों का सोना बरामद

Champat Rai के सबसे चहेते और मंदिर ट्रस्ट के बेहद पावरफुल कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर जो मिला है, उसने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया है। बीते 13 जून को ट्रस्ट की एक टीम ने पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर टिन्नू के पुश्तैनी घर पर बेहद गोपनीय तरीके से छापा मारा। वहां से जो बरामदगी हुई, उसने सबके होश उड़ा दिए।

टिन्नू के घर से भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ है। हालांकि यह सोना कितने किलो है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है, लेकिन कहा जा रहा है कि बरामद सोने की कीमत करोड़ों में है। इस सोने को जांच टीम ने जब्त कर लिया है और अपने साथ ले गई है।

ऑटो चालक से 50 करोड़ का साम्राज्य: पूछताछ जारी

Champat Rai का वरदहस्त होने के कारण मंदिर की सिक्योरिटी से लेकर दानपात्र के चढ़ावे को बैंक में जमा कराने तक का सारा जिम्मा इसी टिन्नू के पास था। कोई इसके काम में दखल नहीं दे सकता था। हैरानी की बात देखिए, जो टिन्नू साल 1992 में अयोध्या की सड़कों पर ऑटो चलाता था, जिसके पास चलने के लिए एक ठीक-ठाक बाइक तक नहीं थी, आज उसी टिन्नू की अयोध्या और लखनऊ में करीब 50 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति सामने आ चुकी है।

अयोध्या एयरपोर्ट के पास उसका एक आलीशान हॉस्टल है जिसमें 70 कमरे चलते हैं। फिलहाल Champat Rai के इस बेहद खास कर्मचारी को मंदिर परिसर के ही पीसीएफ यात्री सुविधा केंद्र में बंधकनुमा माहौल में रखकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

रहस्यमयी यात्राएं और बोरों में छिपा काला सच

बात सिर्फ टिन्नू तक ही सीमित नहीं है, Champat Rai की सरपरस्ती में खेल करने वाले कई और चेहरे बेनकाब हो रहे हैं। मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव के सगे भतीजे सोमेश आनंद भी इस महाघोटाले के बड़े किरदार बनकर उभरे हैं। सोमेश आनंद की करतूतें ऐसी हैं कि कोई भी दंग रह जाए। पिछले एक साल में सोमेश ने अयोध्या से कर्नाटक समेत कई राज्यों की 50 से ज्यादा रहस्यमयी यात्राएं कीं।

चौंकाने वाला दावा यह है कि सोमेश अयोध्या से भारी बोरे लेकर ट्रेन से रवाना होते थे, क्योंकि ट्रेन में चेकिंग का डर नहीं होता था, और वहां माल ठिकाने लगाकर वापसी फ्लाइट से खाली हाथ करते थे। इन बोरों में क्या था, इसका अंदाजा अब आसानी से लगाया जा सकता है।

जेवर तौलने वालों पर रेड और सोने के मुकुटों का गायब होना

वहीं दूसरी तरफ, श्रद्धालुओं के सोने-चांदी के जेवरों को तौलने और संभालने वाले केडी तिवारी भी पूरी तरह फंस चुके हैं। उनके घर पर भी दो दिन पहले छापेमारी हुई है और उन्होंने हाल ही में डेढ़ करोड़ की जमीन खरीदी है जो जांच के दायरे में है। अयोध्या में निर्मला हॉस्पिटल के पास एक मकान में चोरी के पैसे को आपस में बांटा जाता था। पिछले तीन साल से रामलला के दान के लेखा प्रभारी हरीश श्रीवास्तव भी इस वक्त रडार पर हैं।

Champat Rai के राज में लापरवाही का आलम तो देखिए, परंपरा के मुताबिक झूलन उत्सव पर रामलला और उनके भाइयों को जो सोने के मुकुट पहनाए जाते हैं, वो दो साल पहले रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए थे। महीनों तक पुजारियों के दबाव के बाद जब खोजबीन हुई, तो वो मुकुट ट्रस्ट के ही एक बड़े पदाधिकारी की अलमारी से बरामद हुए थे।

200 करोड़ की लूट और SIT का बड़ा एक्शन

इस महालूट के सामने आने के बाद शुरुआती अनुमानों के मुताबिक यह पूरी चोरी 200 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की बताई जा रही है। Champat Rai के नेतृत्व वाले ट्रस्ट में नोटों की गिनती से जुड़े करीब 50 कर्मचारी इस वक्त जांच के घेरे में हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों ने अब तक 5 आरोपियों को दबोचकर उनके पास से 2 करोड़ रुपये कैश, एक लग्जरी कार और 3 आईफोन बरामद किए हैं।

इस पूरे मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 सदस्यों वाली एक हाई-प्रोफाइल एसआईटी (SIT) का गठन किया है, जिसकी अगुवाई लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। इस एक्शन के बाद Champat Rai की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।


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