Ram Mandir

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Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand on Ram Mandir: राम मंदिर को लेकर जो कुछ सामने आ रहा है, वो सुनकर दिल दुखता है। लाखों करोड़ों भक्तों का आस्था का पैसा, जो रामलला के चरणों में चढ़ाया गया, उसमें गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। और ये कोई मामूली आरोप नहीं हैं। ये आरोप बहुत बड़े हैं। इनके सबूत भी मिल रहे हैं। तमाम साधु संतों के अंदर इसे लेकर गुस्सा है।

क्या बोले शंकराचार्य?

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तो यहां तक कह दिया है कि जब श्रीराम (Ram Mandir) जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट बनाया गया तो सरकारी खजाने से सिर्फ एक रुपया दिया गया था। उस खजाने से पैसा आया जिसमें मांस बिक्री का पैसा और अन्याय का पैसा रखा जाता है। इस ट्रस्ट के बीज में ही गड़बड़ी है।

राम मंदिर में अब तक हुए कई खुलासे

जान लीजिए कि इस बीच राम मंदिर में दान चोरी को लेकर कई बड़े खुलासे भी हुए हैं। जानकारी सामने आई है कि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बेहद करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पर 13 जून को छापा पड़ा। टिन्नू पहले ऑटो चलाता था, लेकिन आज अयोध्या और लखनऊ में उसकी 50 करोड़ रुपये की संपत्ति सामने आई है। उसके घर से भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ है। शुरुआती अनुमान है कि ये पूरा घोटाला 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो सकता है।

जेवर तौलने वाले पर भी शक

अब तक 5 संदिग्ध कर्मचारियों को पकड़ा जा चुका है। उनके पास से करीब 2 करोड़ रुपये की नकदी, एक लग्जरी कार और 3 महंगे आईफोन जब्त किए गए हैं। तीन सदस्यों वाली हाई प्रोफाइल SIT टीम अब हर दस्तावेज खंगाल रही है। टिन्नू के अलावा चंपत राय के अंडर काम करने वाले कई और लोग भी जांच के दायरे में हैं। मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव के भतीजे सोमेश आनंद पर भी गंभीर आरोप हैं। कहा जा रहा है कि सोमेश पिछले एक साल में 50 से ज्यादा बार अयोध्या से कर्नाटक और दूसरे राज्यों की यात्राएं कर रहा था। वो भारी बोरों में सामान लेकर ट्रेन से जाता था और वापसी फ्लाइट से खाली हाथ आता था।

वहीं, श्रद्धालुओं के सोने चांदी के जेवर तौलने वाले केडी तिवारी भी फंस गए हैं। उनके घर पर छापा पड़ा और उन्होंने हाल ही में डेढ़ करोड़ की जमीन खरीदी है, जो अब जांच में है। रामलला के दान के लेखा प्रभारी हरीश श्रीवास्तव भी रडार पर हैं।

अखिलेश यादव की ट्वीट ने किया खुलासा

जान लीजिए कि ये सब जून की शुरुआत में ऑडिट के दौरान सामने आया, जब दानपात्र से नकदी और चीजें गायब होने की आशंका हुई। CCTV फुटेज में एक कर्मचारी की संदिग्ध भूमिका दिखी। मंदिर ट्रस्ट चुपचाप जांच करने लगा। लेकिन 7 जून को अखिलेश यादव के ट्वीट ने पूरा मामला सार्वजनिक कर दिया। उसके बाद AAP सांसद संजय सिंह ने भी सवाल उठाए।फिलहाल ट्रस्ट ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि आंतरिक ऑडिट चल रहा है। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित कर दी है।

SIT अब पूरे मामले की जांच कर रही है।ये मामला बहुत गंभीर है। राम मंदिर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। भक्तों ने चंदा दिया, सोना चांदी चढ़ाया, अपनी श्रद्धा चढ़ाई। अगर उसमें गड़बड़ी हुई है तो ये सिर्फ चोरी नहीं, आस्था के साथ धोखा है।लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इतने सालों तक जो मंदिर बनाने का सपना देखा गया, उसकी पवित्रता अब कहां है? एक तरफ भक्त लाखों रुपये चढ़ा रहे हैं, दूसरी तरफ कुछ लोग उसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।अब SIT पर सबकी नजर है। उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, चाहे कोई कितना भी बड़ा पदाधिकारी क्यों न हो।


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