Rahul Gandhi
Prediction of Rahul Gandhi: राहुल गांधी को बीजेपी वालों ने पप्पू साबित करने के लिए करोड़ों रुपए फूंके। उनके पीछे हजारों ट्रोल्स छोड़े गए। उनके वीडियोज को, उनके भाषणों को काटा छांटा गया। लेकिन आखिरकार हकीकत सबके सामने आ ही गया। लोगों को आज साफ नजर आ रहा है कौन पप्पू है और कौन असली नेता। आज राहुल गांधी की कही हुई एक एक बात सच साबित हो रही है। उनकी एक एक भविष्यवाणी सच हो रही है। ऐसे में लोग हैरान हैं कि आखिर राहुल गांधी इतनी दूर तक कैसे देख लेते हैं।
Rahul Gandhi की कही ये बात भी हुई सच
उदाहरण के लिए इस भविष्यवाणी को ही देखिए। नेता विपक्ष Rahul Gandhi ने इस साल 3 जून को बताया था कि देश में भयंकर आर्थिक सुनामी आने वाली है। और अब वो बात सच साबित हो रही है। शेयर मार्केट लगातार गिर रहा है। सिर्फ 1 महीने में 17 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। सिर्फ 2 हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 20 बिलियन डॉलर कम हो गया। रुपया कमजोर है, महंगाई चरम पर है। मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ सुस्त पड़ी है। MSME बंद हो रहे, नौकरियां जा रही हैं और बाजार में मंदी छाई हुई है।
यानी देश आर्थिक सुनामी की ओर बढ़ चला है। अगर वक्त रहते पीएम मोदी ने Rahul Gandhi की बात सुनी होती और सही कदम उठाए होते तो आज भारत के लोग ये सब ना झेल रहे होते। लेकिन मोदी जी को विदेश घूमने और अपने मित्र को व्यापार दिलाने से फुर्सत ही नहीं मिली कि वो राहुल गांधी की चेतावनियों पर काम करें। जबकि ये पहली बार नहीं है, जब राहुल गांधी की कोई भविष्यवाणी सच हुई है। शुरू से ही राहुल गांधी ने जो बातें कहीं हैं, वो सच होती आई हैं।
नोटबंदी से लेकर जीएसटी तक पर दी थी चेतावनी
आप नोटबंदी को ही ले लीजिए। 2016 में जब नोटबंदी हुई तो Rahul Gandhi ने साफ कहा था कि ये आम आदमी और छोटे व्यापारियों पर भारी पड़ेगी। अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। बेरोजगारी बढ़ेगी। तब सरकार और भाजपाई राहुल गांधी पर हंस रहे थे। लेकिन बाद में क्या हुआ? छोटे दुकानदार बर्बाद हो गए। करोड़ों लोग प्रभावित हुए। नोटबंदी का असर सालों तक रहा। राहुल गांधी की बात सही निकली।
फिर आयी जीएसटी। राहुल गांधी ने शुरू से ही कहा था कि ये जटिल सिस्टम छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ देगा। कई स्लैब से उलझन बढ़ेगी। तब भी कोई नहीं सुना। और आज आप खुद देखिए। आज छोटे व्यापारी और आम लोग जीएसटी की जटिलताओं से परेशान हैं। सरकार खुद बाद में स्लैब घटाने की बात करने लगी। फिर राहुल की चेतावनी सही साबित हुई।
कृषि कानून को लेकर भी सही हुई भविष्यवाणी
तीसरा बड़ा उदाहरण है तीन कृषि कानून। Rahul Gandhi ने बार बार कहा था कि ये कानून किसानों के खिलाफ हैं और सरकार को इन्हें वापस लेना पड़ेगा। Mark my words कहकर उन्होंने भविष्यवाणी की थी। और फिर क्या हुआ। एक साल से ज्यादा किसान आंदोलन चला। आखिरकार 2021 में मोदी सरकार को कानून वापस लेने पड़े। राहुल गांधी की बात एकदम सही निकली। अडानी ग्रुप को लेकर भी उन्होंने चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि ये बुलबुला है, फूटेगा। हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। कई लोग कहने लगे कि राहुल गांधी ने पहले ही आगाह कर दिया था।
बेरोजगारी और महंगाई पर भी राहुल गांधी लगातार बोलते रहे। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही हैं। महंगाई आसमान छू रही है। आज देश में ये दोनों समस्याएं सबसे बड़े मुद्दे बने हुए हैं। पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी, नौकरी के लिए भटकते युवा, सब सामने है।
चुनाव आयोग को बताया चोर
हाल के मुद्दों की बात करें, तो Rahul Gandhi पिछले 2 3 सालों से लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। बार बार कह रहे हैं कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट चोरी कर रही है। अब देखिए। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट ने उनकी बात पर सच ही मुहर लगा दी है। साबित हो गया है कि वोट चोरी हो रही है और चुनाव आयोग इसमें शामिल है बीजेपी के साथ। अब लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। मतलब यहां भी राहुल गांधी सही निकले।
कुल मिलाकर राहुल गांधी जब जो कहा, वो आगे चल सच साबित हुआ है। नोटबंदी, जीएसटी, कृषि कानून, अर्थव्यवस्था, एक नहीं, कई मुद्दों पर ऐसा हुआ। अब सवाल ये है कि क्या सरकार और अंधभक्त अब भी उनकी बातों को नजरअंदाज करेंगे? या फिर इससे सीख लेंगे और आगे से राहुल गांधी की कही हुई बातों पर ध्यान देंगे।
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