Madhu Kishwar

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Madhu Kishwar आज मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती और गले की फांस बन चुकी हैं। और कितना डरेंगे मोदी जी, और कितना डरेगी आपकी सरकार? एक 75 साल की महिला से आप लोगों को इतना डर लगता है कि पहले आपने उनके एक्स पोस्ट को पढ़ना भी गुनाह बना दिया और फिर उसे डिलीट करा दिया गया। जब वह चुप नहीं हुईं, तो उन पर पुलिस का दबाव बनाया गया ताकि वह डर जाएँ, लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट।

Madhu Kishwar के साहस को देखते हुए कुछ यूट्यूब चैनलों ने उनका इंटरव्यू लिया, लेकिन अब खबर आ रही है कि उन पत्रकारों को ही डराया-धमकाया जा रहा है। जिन यूट्यूबर्स ने Madhu Kishwar का पक्ष दुनिया के सामने रखा, उन्हें अब चैनल बंद करने और जेल भेजने जैसी गंभीर धमकियां मिल रही हैं।

समर्थक से सबसे बड़ी आलोचक बनने का सफर

Madhu Kishwar कोई साधारण नाम नहीं हैं। यह वही महिला हैं जिन्होंने 2014 के चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी के पक्ष में बड़ा माहौल तैयार किया था और उन पर किताब तक लिखी थी। लेकिन आज वही Madhu Kishwar कह रही हैं कि उनसे बहुत बड़ी गलती हो गई। उनका दावा है कि उन्होंने सत्ता का वह चेहरा देख लिया है जो पर्दे के पीछे छुपा हुआ था।

Madhu Kishwar ने हाल ही में ऐसे सनसनीखेज खुलासे किए हैं, जिसमें बीजेपी के शीर्ष नेताओं के चरित्र और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि बीजेपी के कुछ लोग दरिंदे और हवसी मानसिकता के हैं और यह बात उन्होंने उन लोगों के हवाले से कही है जो खुद इस व्यवस्था के भुक्तभोगी रहे हैं।

सरकारी तंत्र और आईटी सेल का प्रहार

अब सवाल यह उठता है कि अगर ये सब दावे झूठ हैं, तो सरकार तथ्यों के साथ जवाब क्यों नहीं देती? आखिर क्यों हर बार पुलिस और जांच एजेंसियों का सहारा लेकर आवाज़ दबाने की कोशिश की जाती है? Madhu Kishwar के घर पर चंडीगढ़ पुलिस को भेजना और जांच के नाम पर उन्हें प्रताड़ित करना क्या न्यायसंगत है? जब इससे भी मन नहीं भरा, तो बीजेपी के आईटी सेल के जरिए एक 75 साल की बुजुर्ग महिला को सोशल मीडिया पर भद्दी-भद्दी गालियां दिलवाई गईं ताकि वह मानसिक रूप से टूट जाएं। लेकिन Madhu Kishwar का हौसला लोहे जैसा मजबूत निकला और उन्होंने झुकने से साफ इनकार कर दिया।

नारी शक्ति और सत्ता को सीधी चुनौती

Madhu Kishwar ने प्रधानमंत्री को सीधा संदेश देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भारत की स्त्रियों ने अपने अधिकारों की ठेकेदारी कभी राजनेताओं को नहीं सौंपी है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि महिलाएँ अपनी सुरक्षा स्वयं करने की क्षमता रखती हैं, जबकि सत्ता में बैठे कुछ लोग ही उनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं। Madhu Kishwar का यह तेवर बताता है कि वह अब किसी भी दबाव में आने वाली नहीं हैं। उनकी मांग है कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा को देखते हुए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। Madhu Kishwar आज सत्ता के अहंकार के सामने एक मजबूत आईना बनकर खड़ी हो गई हैं।

मुख्यधारा मीडिया की चुप्पी और यूट्यूबर्स पर संकट

इस पूरे गंभीर मसले पर देश के बड़े-बड़े टीवी चैनलों की हालत पूरी तरह से टाइट नजर आ रही है। किसी भी बड़े मीडिया हाउस ने Madhu Kishwar का पक्ष दिखाने या उनके द्वारा उठाए गए सवालों पर चर्चा करने की हिम्मत नहीं दिखाई। विडंबना देखिए कि जिन मुट्ठी भर स्वतंत्र यूट्यूबर्स ने साहस दिखाया, आज उनका गला घोंटने की तैयारी हो रही है। Madhu Kishwar ने खुद पोस्ट साझा कर बताया है कि उन चैनलों को धमकियां दी जा रही हैं कि अगर इंटरव्यू नहीं हटाया, तो उनका करियर और चैनल दोनों खत्म कर दिए जाएंगे। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा और घातक हमला है।

अजेय होने का दावा और एक बुजुर्ग महिला का खौफ

मोदी जी, आप तो खुद को अजेय कहते हैं और आपने विपक्ष से लेकर बुद्धिजीवियों तक को खामोश करने की कोशिश की है, तो फिर एक निहत्थी बुजुर्ग महिला से इतनी घबराहट क्यों है? क्या आपका 56 इंच का सीना Madhu Kishwar द्वारा दिखाए गए आईने के सामने छोटा पड़ गया है? सच को दबाने के लिए ताकत का इस्तेमाल करना इस बात का प्रमाण है कि सत्ता डरी हुई है। याद रखिएगा कि धमकियां देकर चैनल तो बंद कराए जा सकते हैं, लेकिन Madhu Kishwar के हौसले और जनता के बीच फैल रहे सच को दबाना नामुमकिन है। जब सच दबाया जाता है, तो वह और भी आक्रामक होकर बाहर आता है। बाकी, आप समझदार हैं ही।


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