PM Modi in IIT Delhi
PM Modi in IIT Delhi: शनिवार 8 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बने। जंतर मंतर पर जेन जी के प्रदर्शन के बाद यह मोदी जी का जेन जी से पहला आमने सामने का कार्यक्रम था। लेकिन सुरक्षा के नाम पर इतनी पाबंदियां लगाई गईं, इतनी सख्ती बरती गई कि छात्र बुरी तरह परेशान हो गए। नतीजा ये हुआ कि जेन जी पूरे कार्यक्रम की बुराई करने लगे।
किए गए इतने इंतजाम (PM Modi in IIT Delhi)
सबसे पहले कैंपस में पुलिस और अर्धसैनिक बल खाकी और कैमोफ्लाज यूनिफॉर्म में तैनात हो गए। सड़कों पर बैरिकेड लग गए। इमारतों में मेटल डिटेक्टर लगा दिए गए। हॉस्टल से बाहर निकलने या वापस आने पर बैग की बहुत बारीकी से जांच हो रही थी, भले ही छात्र कैंपस के बाहर न गए हों। सुरक्षा कर्मी छात्रों से पूछते थे कि कहां गए थे, देर से क्यों लौटे, बाहर क्या कर रहे थे। छात्रों ने इसे उत्पीड़न बताया। कैंपस की दुकानें जैसे मदर डेयरी, सफाल और नीलकंठ मार्केट शनिवार को शाम चार बजे तक बंद रखनी थीं। कंप्यूटर सेंटर, सेंट्रल लाइब्रेरी और लैब्स शुक्रवार शाम छह बजे से कार्यक्रम खत्म होने तक बंद रहे।
डोगरा हॉल और मेन बिल्डिंग में मोबाइल, बैग या कोई भी प्रतिबंधित चीज ले जाना मना था। माता पिता को भी बैग और पानी की बोतल नहीं ले जाने दी गई। छाते तक मना थे। कई छात्रों के माता पिता पहले से रिटर्न टिकट बुक कर चुके थे। डिग्री वितरण मोदी (PM Modi in IIT Delhi) के जाने के बाद दूसरे हिस्से में रखा गया। इसलिए कई माता पिता अपने बच्चों को डिग्री लेते हुए देख ही नहीं पाए।
PM के इर्द गिर्द बनाया गया कार्यक्रम
यहां तक कि रिहर्सल को भी छात्रों ने मजाक बताया। पूरा कार्यक्रम पीएम (PM Modi in IIT Delhi) के इर्द गिर्द बनाया गया था। छात्रों को निर्देश दिए गए कि मोदी से मेडल लेते समय सिर कितना झुकाना है। वैदिक मंत्रों के दौरान खड़े रहने को कहा गया। मंत्र तीन बार बोले गए, एक बार पीएम मोदी की मौजूदगी में भी बोला गया। किसी भी नारेबाजी या विरोध से बचने के लिए सख्त सुरक्षा रखी गई। ऐसे में छात्रों का साफ आरोप है कि सुरक्षा के नाम पर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और दीक्षांत समारोह दोनों खराब कर दिए गए। माता पिता के साथ भी मानवीय व्यवहार नहीं हुआ।
जेन-जी से नहीं बना पाए कनेक्शन
मोदी (PM Modi in IIT Delhi) जेन जी से कनेक्ट होने गए थे, लेकिन अपने ताम झाम और अति सुरक्षा की वजह से उलटा छात्रों को परेशान करके चले आए। यही नहीं, IIT जैसे संस्थान में जहां छात्रों को साइंस, टेक्नोलॉजी और तर्क की बात करनी चाहिए, वहां मोदी जी ठग बागेश्वर बाबा का जिक्र लेकर आ गए। उन्होंने वहां पढ़े लिखे बच्चों के सामने कहा कि मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं, जो आपके मन की सारी बात जान लूं। लेकिन कुछ तो चलता होगा आपके मन में। हर व्यक्ति के मन में आने वाले कल की तस्वीर होती है।मतलब IIT के छात्रों के सामने अंधविश्वास वाले बाबा का जिक्र करके चले आए महामानव। ये क्या आधुनिक भारत का संदेश देंगे।
राहुल गांधी से लेनी चाहिए सीख
इन्हें तो राहुल गांधी से सीखना चाहिए। राहुल गांधी जेन जी के बीच आसानी से घुलमिल जाते हैं। बिना भारी सुरक्षा के, बिना पाबंदियों के, सीधे छात्रों से बात करते हैं। उनकी बात सुनते हैं। उनकी समस्याओं पर बोलते हैं। जबकि मोदी जी सुरक्षा के इंतजाम में इतना उलझ गए कि छात्रों को ही परेशान कर दिया। लेकिन जेन जी भी अब समझ चुकी है। दिखावे से कनेक्शन नहीं बनता है। असली कनेक्शन तब होता है जब आप उनकी बात सुनें, उनकी आजादी का सम्मान करें। मोदी जी (PM Modi in IIT Delhi) का यह कार्यक्रम सुरक्षा की सख्ती और अंधविश्वास की बातों में उलझकर रह गया। इससे कोई फायदा नहीं हुआ किसी का। छात्र अलग परेशान हुए और उनके माता पिता अलग।
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