PM Modi is scared
PM Modi is scared: नरेंद्र मोदी जैसा डरपोक प्रधानमंत्री आज तक नहीं हुआ। कभी चीन से डर जाते हैं, तो कभी अमेरिका से डर जाते हैं. यहां तक कि अपने देश के अंदर भी डरे रहते हैं। कभी संसद में विपक्ष की आवाज से, तो कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस से डर जाते हैं। कभी जनता के एक सवाल का जवाब नहीं देते, बस मन की बात में अपनी तारीफ करते रहते हैं। और अब तो हद हो गई। कल शाम लोकसभा में अपनी ही स्पीच से डर कर भाग गए।
क्या है पूरा मामला?
क्या है पूरा मामला? शुरू से बताते हैं। कल यानी 4 फरवरी को राहुल गांधी लोकसभा में पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम. नरवणे की किताब “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” लेकर घूम रहे थे। ये वही किताब है, जिसे मोदी सरकार (PM Modi) पब्लिश होने से रोक रही है। इसे जनता के सामने नहीं आने देना चाहती, क्योंकि इसमें वो सच लिखा हुआ है, जिसके सामने आते ही मोदी जी की एक मजबूत नेता वाली इमेज तार-तार हो जाएगी।
किताब में 2020 की एक घटना का जिक्र है, जब चीन की सेना लद्दाख में घुस आई थी। उस वक्त जनरल नरवणे को 2 घंटे इंतजार करवाया गया, फिर मोदी जी ने निर्देश के नाम पर बस इतना कहा, “जो आपको उचित लगे, वो कीजिए।” मतलब, देश की सिक्योरिटी के सबसे बड़े संकट में पीएम ने जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर दिए।
राहुल गांधी गिफ्ट करने वाले थे किताब
राहुल गांधी किताब का यही हिस्सा सदन में पढ़ना चाहते थे, सवाल उठाना चाहते थे कि मोदी सरकार ने ऐसा क्यों किया। क्यों अपनी जिम्मेदारी से भाग खड़ी हुई? लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने नियमों का हवाला देकर उन्हें रोक दिया, उनका माइक बंद करवा दिया।जिसके बाद राहुल ने कहा कि अगर पीएम मोदी सदन में आज आते हैं, तो मैं उन्हें ये किताब गिफ्ट करूंगा। क्योंकि ये किताब किसी विपक्षी नेता की नहीं है। ये किताब किसी विदेशी लेखक की नहीं है। ये किताब है देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की। तो इस पर सरकार को जवाब देना पड़ेगा।
PM Modi ने भटकाया ध्यान
राहुल गांधी के इस बयान के बाद मोदी सरकार (PM Modi) इतना डर गई कि ध्यान भटकाने के लिए उसने अपने गालीबाज सांसद निशिकांत दुबे को मैदान में उतार दिया। दुबे ने 6 किताबें लाकर कांग्रेस के नेताओं पर कीचड़ उछाला। जवाहरलाल नेहरू को “गद्दार” और “अय्याश” कहा। फिर इंदिरा गांधी पर घिनौनी बातें कीं, उनकी आबरू पर कीचड़ उछाला। राजीव गांधी को “लुटेरा” कहा, सोनिया गांधी पर अश्लील कमेंट किए।
कल सदन में जितनी गिरी हुई बातें की जा सकती थीं, उससे भी कई गुना ज्यादा बीजेपी के निशिकांत दुबे ने कर दीं। और हैरानी की बात तो ये रही कि उन्हें रोकने वाला भी कोई नहीं था। स्पीकर साहब, जिनके पेट में तुरंत दर्द उठने लगता है राहुल गांधी अगर किसी किताब की जिक्र भी कर दें, उनके भी मुंह पर ताला लग गया कल। तब सदन के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं दिखा इन्हें।
भड़कीं विपक्ष की महिला सांसद
ये सब देखकर विपक्ष की महिला सांसदें भड़क गईं। कल शाम लोकसभा में मोदी जी का स्पीच था, प्रेसिडेंट के एड्रेस पर मोशन ऑफ थैंक्स का जवाब देना था इन्हें। लेकिन मोदी जी के सदन में आने से पहले ही, विपक्ष की कई महिला सांसदें उनकी सीट की तरफ पहुंच गईं। हाथों में बैनर्स थे, जिन पर लिखा था- “Do what is right” मतलब “जो उचित लगे वो करो”।
ये वही लाइन थी, जिसे सेना को मोदी जी (PM Modi) ने कहा था। विरोध जताते हुए विपक्ष की महिलाएं- जैसे प्रियंका गांधी, महुआ मोइत्रा आदि मैदान में उतर चुकी थीं। और फिर मोदी जी सदन में आए ही नहीं, स्पीच कैंसल कर दी। अब विपक्ष कह रहा है- मोदी डर गए, भाग गए। राहुल ने X पर लिखा- जैसा मैंने कहा, पीएम मोदी संसद में नहीं आएंगे क्योंकि वो डरे हुए हैं और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते। वहीं, प्रियंका गांधी ने कहा कि “मोदी जी इतना डर गए कि सदन आए ही नहीं।”
क्या डरते हैं PM Modi?
अब आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं मोदी जी (PM Modi) कितना डरते हैं। यही डर है, जो इन्होंने आज तक कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं की। क्योंकि ये जानते हैं कि फिर इन्हें जनता के तीखे सवालों के जवाब देने पड़ेंगे। बताना पड़ेगा कि इन्होंने देश के लिए क्या किया। अपने कितने वादे पूरे किए। लेकिन ये जवाबदेही मोदी जी के लिए इतनी डरावनी है कि वो ये कभी नहीं करेंगे। ये पर्दे के पीछे छिपकर बस जनता का ध्यान भटका सकते हैं और कुछ नहीं।
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