SSC GD Exam
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SSC GD Exam देने वाले लाखों नौजवानों की आंखों में आज आंसू हैं और उनका गुस्सा सातवें आसमान पर है। ऐसा होना लाजिमी भी है क्योंकि एक बार फिर देश के बेरोजगार युवाओं के भविष्य पर मोदी सरकार और सत्ता के संरक्षण में पलने वाले पेपर लीक माफियाओं ने कुंडली मार दी है। 25 हजार से अधिक पदों पर चल रही SSC GD Exam 2026 अब पूरी तरह से बवाल और विवादों के चक्रव्यूह में फंस चुकी है।
25 से 30 मई तक इस परीक्षा का आखिरी हफ्ता शेड्यूल था, लेकिन ऐन वक्त पर उत्तर प्रदेश और बिहार के कई एग्जाम सेंटर्स पर इस परीक्षा को अचानक कैंसिल कर दिया गया। इस भयंकर और जानलेवा गर्मी में दूर-दूर से भूखे-प्यासे परीक्षा देने पहुंचे कैंडिडेट्स जब एग्जाम नहीं दे पाए, तो उनका सब्र का बांध टूट गया।
प्रयागराज में बदइंतजामी की हदें पार, छात्रों का फूटा गुस्सा
प्रयागराज के अंदावा आई टेक जोन सेंटर पर तो बदइंतजामी की सारी हदें पार हो गईं। छात्रों का सीधा आरोप है कि सेंटर पर क्षमता से अधिक कैंडिडेट्स को बुला लिया गया, लेकिन वहां न तो बैठने की पर्याप्त सीटें थीं और न ही कंप्यूटर सिस्टम काम कर रहे थे। जब व्यवस्था ही नहीं थी, तो इतनी भारी संख्या में युवाओं को इस तपती धूप में क्यों बुलाया गया। सिस्टम की इस नाकामी को देखकर SSC GD Exam के छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
परीक्षा केंद्र पर जमकर तोड़फोड़ हुई और नाराज युवाओं ने कंप्यूटर सिस्टम उठा-उठाकर जमीन पर पटक दिए। इसके बाद छात्रों ने सड़कों पर उतरकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। छात्र बेहद परेशान हैं क्योंकि सवाल उनकी सालों की मेहनत का है।
बिहार तक फैली आग, सॉल्वर गैंग के साथ पेपर लीक की खबरें
सिर्फ प्रयागराज ही नहीं, बिहार में भी कई जगहों पर SSC GD Exam कैंसिल होने की खबरें आ रही हैं। इसके पीछे का सच और भी डरावना है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस भर्ती परीक्षा का भी पेपर लीक हो चुका है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही नकल कराने वाले बड़े-बड़े गिरोह पूरी तरह सक्रिय थे। नोएडा और रांची से पुलिस ने सॉल्वर गैंग के गुर्गों को गिरफ्तार किया है, जो 4-4 लाख रुपये लेकर इस SSC GD Exam को पास कराने का सौदा कर रहे थे। अब सोशल मीडिया पर देश का युवा सरकार से सीधे पूछ रहा है कि क्या यह पूरी परीक्षा कैंसिल होगी और क्या पूरी परीक्षा नए सिरे से कराई जाएगी।
गरीब मां-बाप के बच्चों का टूटा सपना
सोचिए कि जिन गरीब मां-बाप के बच्चों ने रात-रात भर जागकर अपनी आंखें जलाई थीं, जिन्होंने बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ और एसएसबी में देश सेवा का सपना देखा था, उनके हाथ में इस सिस्टम ने सिर्फ लाचारगी थमा दी है। 31 दिसंबर तक इस 25 हजार वाली भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। पहले यह SSC GD Exam फरवरी में होनी थी, लेकिन शेड्यूल बदलकर इसे 27 अप्रैल से 30 मई तय किया गया।
तीन हफ्ते तक परीक्षा ठीक-ठाक चली, लेकिन आखिरी हफ्ते में आकर पूरा रायता फैल गया। यहां तक कि जो परीक्षा 28 मई को होने वाली थी, उसे अचानक री-शेड्यूल करके 27 मई को लेने का नोटिस जारी कर दिया गया। युवाओं को समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर एसएससी कर क्या रही है।
10 सालों में 89 बार पेपर लीक, युवाओं का भविष्य अधर में
हर साल दो करोड़ नौकरी देने का वादा करने वाली मोदी सरकार में आज हर साल 2 करोड़ से ज्यादा बेरोजगार युवा तैयार हो रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 10 सालों में 89 बार पेपर लीक हुए हैं और 48 बार परीक्षाओं को दोबारा कराना पड़ा है। मोदी सरकार में युवाओं की आधी उम्र तो सिर्फ फॉर्म भरने, पेपर लीक का दंश झेलने और दोबारा परीक्षा की तैयारी करने में ही गुजर रही है। इस बदहाली के बीच SSC GD Exam का यह नया विवाद छात्रों की रीढ़ तोड़ने जैसा है।
NEET के बाद अब SSC GD Exam में महाघोटाला
अभी देश मेडिकल की नीट (NEET) परीक्षा के सदमे से पूरी तरह उबरा भी नहीं था कि SSC GD Exam का यह महाघोटाला सामने आ गया। नीट परीक्षा में बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल जो लीक हुए थे, वो हूबहू वही थे जो मुख्य एग्जाम में आए थे। अब वही कहानी इस SSC GD Exam में भी दोहराई जा रही है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कब तक देश का नौजवान इस मानसिक प्रताड़ना को झेलता रहेगा और क्या मोदी सरकार के पास इसका कोई ठोस जवाब है।
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