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CJP Protest: आप लोगों को पता है, कॉकरोच जनता पार्टी वाले अभिजीत दीपके को अमेरिका से भगा दिया गया है? जी हां, ये हम नहीं कह रहे हैं। ये कहना है अमेरिका के ही एक आदमी का। इस आदमी का कहना है कि अभिजीत दीपके को अमेरिका से डिपोर्ट किया जा रहा है क्योंकि ये हमारे देश में टेम्पररी वीजा पर आकर पॉलिटिकल एक्टिविटी कर रहा था, जो कि अमेरिका में बैन है। और अब ये भारत के लोगों को बेवकूफ बना रहा है कि मैं क्रांति करने और लोगों के हक के लिए लड़ने आ रहा हूं। इस आदमी ने अभिजीत दीपके को चैलेंज किया कि अगर उसके अंदर हिम्मत है तो अपना पासपोर्ट दिखाए।

CJP 6 जून को करेगी प्रोटेस्ट

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने ऐलान किया है कि वो 6 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने देश के युवाओं का आह्वान किया है। 3 जून 2026 को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में CJP ने अपनी पहली आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। हालांकि अब उसमें भी घपला निकल गया है।

कॉन्स्टीट्यूशन क्लब की बुकिंग सिर्फ सांसदों के नाम से हो सकती है। कॉकरोच पार्टी ने राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा से बुकिंग करवाई। अब मनोज झा बता रहे हैं कि उन्हें धोखे में रखकर उनसे बुकिंग करवाई गई। वह अपने पिता को लेकर अस्पताल में थे। वहां उनसे बुकिंग लेटर पर रेकमेंडेशन लिया गया। उन्हें बताया गया कि एक पत्रकार हैं जो कुछ इवेंट ऑर्गेनाइज करना चाहते हैं। अब मनोज झा कह रहे हैं कि मुझे धोखा दिया गया।

कौन हैं पार्टी के 3 प्रवक्ता?

खैर, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पता चला कि अभिजीत दीपके ने CJP के तीन प्रवक्ता बनाए हैं: सौरव दास, विजेता दहिया और आशुतोष रांका। सौरव दास खोजी पत्रकारिता करते हैं और अक्सर आम आदमी पार्टी का पक्ष रखकर भाजपा की आलोचना करते हैं। विजेता दहिया फिल्मकार हैं। कौन सी फिल्म बनाई है, अभी इसकी जानकारी नहीं है। वहीं आशुतोष रांका आईआईटी कानपुर में पढ़ने के बाद यूरोप में नौकरी कर रहे थे। तीनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी बड़ा प्रदर्शन करने वाली है।

अभिजीत दीपके ने कही ये बात

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पहले ही पोस्ट करके बताया कि मैं एयरपोर्ट से सीधे संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन आऊंगा। लोग एयरपोर्ट न आएं। सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचें। वहां से हम लोग परमिशन लेकर जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रोटेस्ट करने जाएंगे। लेकिन यहां कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

कहा जा रहा है कि जो सरकार पहलवानों को जंतर मंतर पर प्रदर्शन नहीं करने देती हो, जो सरकार राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को बलात्कार पीड़ितों से मिलने नहीं देती हो, जो सरकार अखिलेश यादव को गाजीपुर में प्रवेश नहीं करने देती हो, जो सांसद संजय सिंह को इलाहाबाद में कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रवेश करके नीट पर बातचीत करने से रोकती हो, वो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को इतनी आसानी से प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की इजाजत कैसे दे देगी।

नहीं मिलेगी प्रदर्शन की इजाजत

यहां और भी कई तरह की दिक्कतें हैं। दिल्ली पुलिस के नियम के मुताबिक, जंतर मंतर पर कोई भी प्रदर्शन करने के लिए कम से कम 7 दिन पहले लिखित आवेदन देना जरूरी है। आवेदन में बताना होता है कि कितने लोग आएंगे, कब शुरू होगा, कब खत्म होगा, क्या मांगें हैं आदि। और सीजेपी ने अभी तक पहले से परमिशन नहीं मांगी है। उनका कहना है कि फाउंडर अभिजीत दीपके 6 जून की सुबह अमेरिका से दिल्ली आएंगे, फिर सीधे पुलिस स्टेशन जाकर परमिशन मांगेंगे। ऐसे में उन्हें परमिशन मिलना लगभग नामुमकिन है।

लेकिन अगर सरकार इस आंदोलन की इजाजत दे देती है तो और भी सवाल उठेंगे। लोग कह रहे हैं कि हो सकता है 6 जून का प्रदर्शन जोरदार हो। अचानक लोगों को लगने लगेगा कि देश में लोकतंत्र लौट आया है। और फिर यही कॉकरोच जनता पार्टी वाले अपनी असली पार्टी यानी आम आदमी पार्टी में मिल जाएंगे। और फिर वही खेल दोहराया जाएगा जो अन्ना हजारे वाले आंदोलन में खेला गया। यानी हर तरह से ये प्रदर्शन सवालों के घेरे में है। ना हो तब भी और हो तब भी।

फिलहाल अभिजीत दीपके ने 5 जून को सुबह सुबह पोस्ट कर बता दिया है कि वो भारत के लिए निकल चुके हैं। अब देखना है, एयरपोर्ट पर उतरते ही गिरफ्तार कर लिए जाते हैं या फिर दिल्ली में प्रदर्शन करने का मौका दिया जाता है इन्हें।


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