Himanta Biswa Sarma
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Himanta Biswa Sarma insulted Kharge: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अपना दिमागी संतुलन खो बैठे हैं। ऐसा लग रहा है कि हार का डर उनके सिर पर सवार हो गया है। तभी तो बिना सोचे-समझे किसी सड़क के मवाली की तरह गाली-गलौज कर रहे हैं। अपने से उम्र में बड़े नेताओं को अपमानित कर रहे हैं। हिमंता ने पहले कांग्रेस के सीनियर लीडर पवन खेड़ा के लिए गंदे शब्दों का प्रयोग किया और अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पागल बता दिया है।
गुस्से में राहुल गांधी
हिमंता सरमा (Himanta Biswa Sarma) के इस बयान से राहुल गांधी भारी गुस्से में हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के विरुद्ध इस्तेमाल की गई अभद्र और घटिया भाषा पूरी तरह निंदनीय, शर्मनाक और अस्वीकार्य है। खड़गे जी का अपमान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि इस देश के SC-ST समाज के करोड़ों लोगों का भी अपमान है।
राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। यह BJP-RSS की पुरानी और सुनियोजित मानसिकता है। बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान हो, दलित नेताओं को नीचा दिखाना हो, या SC-ST समाज के प्रतिनिधियों पर व्यक्तिगत हमले हों – भाजपा और RSS का इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई दलित नेता सच बोलता है, तब-तब ये उसे अपमानित करने पर उतर आते हैं। यही इनकी विचारधारा है, यही इनका असली चरित्र और चेहरा है। इसके साथ ही राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछा है कि क्या आप हिमंता सरमा (Himanta Biswa Sarma) की इस भाषा का समर्थन करते हैं?
प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल
वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने भी इस मामले पर मोदी सरकार से सवाल पूछा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रियंका ने कहा है कि खरगे जी देश के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। वे न सिर्फ कांग्रेस पार्टी के, बल्कि देश के दलितों व वंचितों के प्रबुद्ध प्रतिनिधि हैं। उनका अपमान करके भाजपा के मुख्यमंत्री (Himanta Biswa Sarma) ने देश के करोड़ों लोगों का अपमान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी देश के सामने स्पष्ट करें, क्या वे करोड़ों भारतीयों के इस अपमान से सहमत हैं?
हिमंता ने पवन खेड़ा को दी थी गालियां
बता दें कि इससे पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के लिए भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। उन्होंने पवन खेड़ा को “पवन पेड़ा” बना देने की बात कही और पता नहीं क्या-क्या कहा था। हिमंता (Himanta Biswa Sarma) ने ये सब बातें सिर्फ इसलिए कहीं क्योंकि पवन खेड़ा ने इन पर आरोप लगाया था। गाली नहीं दी, कुछ उलटा-सीधा नहीं बोला। सिर्फ सबूतों के आधार पर आरोप लगाए थे कि हिमंता सरमा की पत्नी रिंकी सरमा के पास तीन अलग-अलग देशों के एक्टिव पासपोर्ट हैं और दूसरे देशों में भी इनकी करोड़ों की संपत्ति है।
पवन खेड़ा ने सवाल उठाया था कि रिंकी सरमा के पास तीन विदेशी पासपोर्ट कैसे हो सकते हैं? क्या वे भारतीय नागरिकता छोड़ चुकी हैं? अगर छोड़ दी तो फिर वे मुख्यमंत्री की पत्नी बनकर भारत में कैसे रह रही हैं? और अगर नहीं छोड़ी तो यह सीधा कानून तोड़ना हुआ। तो क्या देश के गृहमंत्री अमित शाह SIT बिठाकर इस मामले की जांच कराएंगे? क्या वो बताएंगे कि हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पासपोर्ट सही हैं या नहीं?
क्यों डर गए हैं हिमंता (Himanta Biswa Sarma)?
अब इन आरोपों का सीधे तरीके से जवाब देने के बजाय हिमंता बिस्वा सरमा किसी गली के गुंडे की तरह गाली-गलौज कर रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को अपमानित कर रहे हैं।हिमंता की ये हरकतें देखकर असम की जनता भी हैरान है। समझ नहीं पा रही है कि ये तिलमिलाहट आखिर क्यों है। क्या दाल में कुछ काला है या फिर पूरी दाल ही काली है?
असम की जनता करेगी फैसला
अब देखना होगा कि असम की जनता इन सब के बीच 9 अप्रैल को क्या फैसला लेती है। क्योंकि उनका ये फैसला ही हिमंता बिस्वा सरमा का अगला भविष्य तय करेगा। या तो उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलेगी या फिर जेल के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। क्योंकि कांग्रेस ने एकदम साफ कर दिया है कि अगर वो सत्ता में आई तो हिमंता बिस्वा सरमा को भ्रष्टाचार के लिए जेल जाना पड़ेगा।
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