Ethanol Blending

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Ethanol Blending: अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने से परेशान थे तो मुबारक हो। आपकी परेशानी अब और बढ़ने वाली है। मोदी सरकार ने अब पेट्रोल में 30 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का प्लान बना लिया है। ऐसे में अब E20 फ्यूल के बजाय E30 फ्यूल मिलेगा। अब सरकार E22 से लेकर E30 तक के नए फ्यूल ब्लेंड की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अब तेल कंपनियां और गाड़ी बनाने वाली कंपनियां इस पर काम में लग जाएंगी।

याद करिए जब E20 आया था तो कितनी शिकायतें आईं। माइलेज गिर गया, गाड़ियों के पार्ट्स खराब होने लगे। पुरानी बाइक्स और कारों में पानी जमा होने, जंग लगने और लीक होने की समस्या बढ़ गई। लेकिन सरकार ने सबको अफवाह बताकर टाल दिया। अब E30 (Ethanol Blending) की तैयारी है। मतलब और ज्यादा नुकसान, और कम माइलेज और ज्यादा महंगाई आम आदमी की जेब पर।

तेल की होने वाली है भारी कमी

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये सब क्यों हो रहा है। जवाब है देश में कच्चे तेल की कमी। मिडल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से भारत में तेल की कमी हो गई है। भारत अभी तक रूस से सस्ता तेल खरीदकर काम चला रहा था। लेकिन मोदी सरकार ने अमेरिका के साथ ऐसी ट्रेड डील साइन कर ली कि अब भारत कहां से कितना तेल खरीदेगा यह फैसला अमेरिका करने लगा है।

इसी ट्रेड डील के आधार पर अमेरिका ने 16 मई तक छूट दी थी भारत को कि वो रूस से तेल खरीदे। लेकिन अब यह छूट खत्म हो चुकी है। अब भारत रूस से सस्ता तेल नहीं खरीद सकता है। अब तेल कंपनियों को दूसरे देशों से महंगा तेल खरीदना पड़ेगा। और इस सबकी भरपाई फिर आम जनता से करवाई जाएगी।

एथेनॉल गाड़ियों को पहुंचाता है नुकसान

इधर इथेनॉल (Ethanol Blending) की वजह से जनता का अलग नुकसान होगा। गाड़ियों को नुकसान पहुंचेगा। पर मोदी सरकार को इससे कोई लेना देना नहीं है। क्योंकि इस इथेनॉल से उनके खास मंत्री गडकरी को जमकर फायदा होगा। उनके बेटों को फायदा होगा।

गडकरी ने किया जमकर प्रचार (Ethanol Blending)

याद करिए गडकरी जी किस जोश के साथ शुरुआती सालों में एथेनॉल (Ethanol Blending) का प्रमोशन कर रहे थे। शुरू में तो लोगों को लगा कि शायद इससे सच में किसानों का फायदा हो रहा है। इसीलिए गडकरी जी इसे इतना ज्यादा प्रमोट कर रहे हैं। लेकिन जैसे जैसे समय बीता इसकी भी सच्चाई खुलकर सामने आ गई।

खुलासा हुआ कि गडकरी जी ये (Ethanol Blending) कोई किसानों के लिए नहीं कर रहे थे बल्कि अपने बेटों को करोड़पति बनाने के लिए सारा काम हो रहा था। जानकारी सामने आई कि गडकरी के बेटे निखिल और सारंग की कंपनियां एथेनॉल प्रोडक्शन में लगी हैं। पुर्ती ग्रुप जो गडकरी ने 1995 में शुरू किया था अब उनके बेटों के हाथ में है।

बेटों को होता है करोड़ों का फायदा (Ethanol Blending)

निखिल CIAN Agro Industries का MD है तो सारंग Manas Agro का डायरेक्टर। CIAN Agro Industries और Manas Agro दोनों ही कंपनियां एथेनॉल बनाती हैं। निखिल गडकरी की CIAN Agro Industries का रेवेन्यू 2024 में 18 करोड़ था जो जून 2025 में बढ़कर 723 करोड़ हो गया। इस कंपनी के शेयर की कीमत जनवरी 2025 में 37 रुपये थी जो बाद में बढ़कर 668 रुपये हो गई है। यानी 2184 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

दूसरे बेटे सारंग Manas Agro चलाते हैं जो अनलिस्टेड है लेकिन वो भी इथेनॉल बनाती है। Manas का रेवेन्यू 2021 में 5990 करोड़ था जो 2024 में 9591 करोड़ हो गया। कुल मिलाकर एथेनॉल का बिजनेस करके गडकरी के दोनों बेटों ने करोड़ों रुपये छापे। जब इसका खुलासा हुआ तो सोशल मीडिया पर जमकर बवाल मचा।

विपक्ष ने तो सवाल उठाए ही जनता ने भी गडकरी को जमकर सुनाया। क्योंकि वो शुरू से कह रहे थे कि एथेनॉल (Ethanol Blending) से माइलेज कम हो रही है गाड़ियां खराब हो रही हैं लेकिन गडकरी जी बार बार इन सब बातों को अफवाह बताकर टालते रहे। लेकिन जैसे ही ये खुलासा हुआ सबकी आंखें खुल गईं। और अब E30 आने वाला है। तैयार रहिए। आपकी गाड़ी की माइलेज और जेब दोनों और पतली होने वाली हैं।


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