Yogi vs Modi
Yogi vs Modi: दिल्ली बनाम लखनऊ की लड़ाई ने अब नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। उत्तर प्रदेश में चुनाव सिर पर आ चुके हैं, लेकिन लखनऊ और दिल्ली की तनातनी थमने का नाम नहीं ले रही। अब तो इस लड़ाई में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी कूद पड़ी हैं। इधर योगी आदित्यनाथ (Yogi vs Modi) साफ बोल चुके हैं कि वो डरेंगे नहीं, भले ही कुर्सी चली जाए। और इधर दिल्ली भी झुकने को तैयार नहीं दिख रही। ऐसे में लग रहा है कि इस बार यूपी का चुनाव बहुत दिलचस्प होने वाला है। कहा जा रहा है कि अगर योगी की बात नहीं मानी गई तो हो सकता है वो भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ें। और अगर ऐसा होता है तो चुनाव के नतीजे पूरी तरह बदल सकते हैं।
राज्यपाल ने क्या कहा?
पहले सुनिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने क्या कहा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। वहां उन्होंने यूनिवर्सिटी की व्यवस्थाओं को लेकर बड़े सवाल उठाए। उनका ये भाषण अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। राज्यपाल ने कहा कि ये तो गोरखपुर है, जहां स्वयं सीएम योगी आदित्यनाथ विराजमान हैं। वहां ऐसी कमियां होंगी तो क्या होगा? उन्होंने साफ कहा कि विश्वविद्यालय में कई कमियां हैं, जिन्हें बताना जरूरी है। भले ही बुरा लगे, लेकिन कमियां बतानी ही पड़ेंगी।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी को लेकर कही ये बात
आनंदी बेन ने बताया कि यूनिवर्सिटी में कुल 9 हॉस्टल हैं। 3 लड़कियों के, जिनमें से एक की मरम्मत चल रही है। और 6 लड़कों के, जिनमें से दो की मरम्मत चल रही है। यानी हॉस्टल जर्जर हालत में हैं। राज्यपाल ने आगे कहा कि लड़कियों के हॉस्टल में मेस चलता है, लेकिन लड़कों के हॉस्टल में मेस नहीं है। वहां बाहर से टिफिन मंगवाया जाता है। राज्यपाल ने सवाल किया कि क्या टिफिन वाला अच्छा खाना देता है? उन्होंने खुद रसोई का निरीक्षण किया। खाने के डिब्बे खोले और कहा कि अंदर जंक फूड जैसा कुछ है। उन्होंने खाने के सैंपल लिए और कहा कि लखनऊ ले जाकर खुद टेस्ट करवाएंगी, क्योंकि स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं।
उन्होंने तीन महीने के अंदर सारी कमियां दूर करने का निर्देश दिया।अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या राज्यपाल का ये बयान दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई के खतरनाक मोड़ पर पहुंचने का संकेत है? क्या ये बयान केंद्र के इशारे पर आया है या राज्यपाल ने खुद संज्ञान लिया है?
दो इंजन आपस में टकरा रहे (Yogi vs Modi)
अभी तक केंद्र के प्रतिनिधि राज्यपाल उन्हीं राज्यों में सरकार को घेरते थे, जहां दूसरी पार्टी की सरकार होती थी। लेकिन अब दोनों इंजन, दिल्ली और लखनऊ (Yogi vs Modi), एक दूसरे को निशाना बना रहे हैं। ये नई और खतरनाक स्थिति है बीजेपी के लिए।दूसरी तरफ योगी भी झुकने को तैयार नहीं हैं। आनंदीबेन पटेल के इस बयान के कुछ ही घंटे बाद योगी आदित्यनाथ का भी बयान आ गया। योगी ने कहा कि जो कुर्सी कल जानी है, वो आज ही चली जाए। ये बयान देकर योगी ने एकदम साफ कर दिया है कि वो झुकने वाले नहीं हैं, चाहे कुर्सी ही क्यों न चली जाए। उन्होंने सीधे सीधे दिल्ली को चैलेंज दे दिया है कि अब लड़ाई आर या पार की होगी। उनका ये बयान साफ बताता है कि लड़ाई अब जबरदस्त छिड़ चुकी है। कभी भी विभाजन की खबरें आ सकती हैं।
भाजपा को होगा भारी नुकसान
उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सही से चल नहीं पा रहा है। दोनों इंजन एक दूसरे से टकरा रहे हैं। राज्यपाल गोरखपुर में खड़े होकर सीएम के गृह जिले की यूनिवर्सिटी की खामियां गिना रही हैं। और सीएम कह रहे हैं कि कुर्सी चली जाए तो चली जाए, डर नहीं है। चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में ये आंतरिक लड़ाई (Yogi vs Modi) भाजपा के लिए कितनी भारी पड़ सकती है, ये सब समझ रहे हैं। अगर योगी और दिल्ली के बीच समझौता नहीं हुआ तो स्थिति और बिगड़ सकती है। योगी अगर अलग मैदान में उतरे तो समीकरण (Yogi vs Modi) पूरी तरह बदल जाएंगे। और इससे सबसे ज्यादा नुकसान होगा भाजपा का।
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